Haryana Weather: आज 4 जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट, कल कैथल-कुरुक्षेत्र समेत इन इलाकों में झमाझम बारिशHaryana Weather: आज 4 जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट, कल कैथल-कुरुक्षेत्र समेत इन इलाकों में झमाझम बारिश

Haryana Weather: भीषण लू और उमस की दोहरी मार झेल रहे हरियाणावासियों के लिए आसमान से राहत की बूंदें टपकने के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए आज, 21 जून को प्रदेश के चार जिलों में गरज-चमक के साथ धूलभरी आंधी चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई है। बीते चौबीस घंटों की बात करें तो भिवानी और फतेहाबाद के कुछ इलाकों में हुई छिटपुट बारिश ने स्थानीय स्तर पर पारे को नीचे गिराया है, जिससे वहां के निवासियों को चिलचिलाती धूप से थोड़ी निजात जरूर मिली है।

रोहतक रहा सबसे गर्म, उमस ने छुड़ाए पसीने

भले ही कुछ हिस्सों में बदरा बरसे हों, लेकिन शनिवार को पूरे प्रदेश का औसतन मिजाज बेहद तीखा रहा। सूरज के तल्ख तेवरों और हवा में नमी की अधिकता के कारण लोग पसीने से तर-बतर नजर आए। रोहतक शहर इस दौरान सबसे ज्यादा तप उठा, जहां अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार थमने के कारण उमस का ग्राफ इतना बढ़ गया कि लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया।

कल से कैथल-कुरुक्षेत्र समेत इन जिलों में तेज होगी प्री-मानसून की हलचल

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सोमवार यानी 22 जून से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों का दायरा और अधिक विस्तृत होने वाला है। कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जैसे मैदानी व पश्चिमी जिलों में तेज रफ्तार आंधी के साथ अच्छी बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके बाद 23 जून को भी सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और भिवानी के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि, राहत का यह सिलसिला ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा; 24 जून आते-आते समूचे हरियाणा में मौसम एक बार फिर पूरी तरह शुष्क हो जाएगा और तपन दोबारा लौट सकती है।

इस बार जून में सामान्य से ज्यादा मेहरबान रहे बादल

दिलचस्प बात यह है कि इस साल जून के महीने में जहां एक तरफ रिकॉर्डतोड़ गर्मी ने सताया, वहीं दूसरी तरफ बादलों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 जून से लेकर 20 जून के बीच हरियाणा में औसतन 26.4 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो इस अवधि के सामान्य कोटे से कहीं अधिक है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जून के महीने में रुक-रुक कर हो रही यह बारिश धान की बुआई और अन्य खरीफ फसलों की तैयारियों में जुटे किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

By Jagmarg