Haryana NEET Re Exam 2026: पेपर लीक और विवादों के साए में रही नीट (NEET) परीक्षा के दोबारा आयोजन को लेकर आज हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन की साख दांव पर है। राज्य के 19 शहरों में दोपहर 2 बजे से होने वाली इस परीक्षा के लिए सुबह 10 बजे से ही केंद्रों के बाहर गहमागहमी का माहौल देखा गया। देश की इस सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए इस बार सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए गए हैं, जितने आम तौर पर मुख्य धारा के चुनावों में ही देखने को मिलते हैं।
परीक्षा में शामिल हो रहे करीब 65 हजार छात्र-छात्राओं को मेटल डिटेक्टर से गुजरने और गहन शारीरिक जांच के बाद ही केंद्रों के भीतर जाने की अनुमति दी जा रही है।
लीक प्रूफ व्यवस्था: जीपीएस की निगरानी में पहुंचे प्रश्नपत्र
हालिया विवादों से सबक लेते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और स्थानीय प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के ‘सीलबंद प्रोटोकॉल’ पर काम किया है। सूत्रों के मुताबिक, स्ट्रांग रूम से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों और अन्य गोपनीय सामग्रियों को पहुंचाने वाले हर एक वाहन को जीपीएस (GPS) सिस्टम से लैस किया गया है।
कंट्रोल रूम से इन गाड़ियों के रूट की पल-पल की लाइव ट्रैकिंग की जा रही है। किसी भी अप्रत्याशित रुकावट से बचने के लिए इन गाड़ियों के साथ पुलिस की एस्कॉर्ट टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, सभी 175 परीक्षा केंद्रों के कमरों को सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से जोड़ा गया है, जिनकी लाइव फीड सीधे सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम को मिल रही है।
कोचिंग सेंटर बंद, परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर
प्रशासनिक मुस्तैदी का आलम यह है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह रचा गया है कि वहां परिंदा भी पर न मार सके। आज रविवार होने के बावजूद उन सभी जिलों में विशेष तौर पर कोचिंग सेंटरों और फोटोस्टेट की दुकानों को बंद करवा दिया गया है, जहां परीक्षा आयोजित हो रही है। अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की सामग्री के प्रसार को रोकने में यह कदम बेहद कारगर साबित होगा।
सुरक्षा को थ्री-डायमेंशनल बनाते हुए परीक्षा केंद्रों के हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) को भी सुरक्षित किया गया है; यानी सेंटर्स के आसपास किसी भी तरह के ड्रोन उड़ाने पर कानूनी रूप से पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
रोडवेज की बसों और ऑटो के लिए बस स्टैंडों पर मुस्तैदी
भीषण गर्मी और उमस के बीच सुदूर इलाकों से आने वाले परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को भटकना न पड़े, इसके लिए हरियाणा रोडवेज ने भी कमर कसी है। सभी प्रमुख बस अड्डों पर सुबह से ही परिवहन विभाग के वालंटियर्स हेल्प डेस्क पर मुस्तैद दिखाई दिए।
यहाँ न सिर्फ छात्रों को उनके परीक्षा केंद्रों की दूरी और सही रूट की जानकारी दी जा रही है, बल्कि रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों से सेंटर्स तक जाने के लिए विशेष सिटी बसों और ऑटो की सुचारू व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। सुबह से ही सेंटर्स पर तैनात सुपरिंटेंडेंट और इनविजिलेटर (पर्यवेक्षक) आंतरिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे रहे, ताकि दोपहर 2 बजे बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा के परीक्षा शुरू कराई जा सके।

