Girl Suicide: यमुनानगर। जिंदगी के झंझावातों से बेखबर और सुनहरे भविष्य के सपने बुनने की उम्र में एक और मासूम जिंदगी ने मौत को गले लगा लिया। यमुनानगर के दुर्गा नगर क्षेत्र से एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 11वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा आयुषी ने शनिवार दोपहर को अपने ही कमरे में फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। हैरान करने वाली बात यह है कि मौत को गले लगाने से चंद घंटे पहले तक आयुषी के व्यवहार में रत्ती भर भी तनाव या उदासी नहीं थी। उसने सुबह मुस्कुराते हुए मां से कहा था कि आज का खाना वही बनाएगी।
इस खौफनाक कदम के बाद से जहां पूरा परिवार गहरे सदमे में है, वहीं आस-पड़ोस के लोग भी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि कुछ देर पहले तक हंसती-खेलती दिखने वाली बच्ची अब इस दुनिया में नहीं है।
मां घर लौटी, तो खुला था दरवाजा और भीतर.
मृतका के पिता विजय कुमार ने रोते हुए बताया कि वे बेहद साधारण परिवार से हैं और मेहनत-मजदूरी करके अपने घर का गुजारा चलाते हैं। उनकी दो बेटियां हैं, जिनमें आयुषी छोटी और पढ़ाई में काफी अव्वल थी। शनिवार की सुबह घर में रोज की तरह सामान्य चहल-पहल थी। पिता, मां और बड़ी बहन अपने-अपने काम पर जाने की तैयारी में थे। तभी आयुषी ने जिद की कि आज वह रसोई संभालेगी। उसने न केवल खाना बनाया बल्कि पूरे परिवार को बड़े प्यार से परोसा भी।
परिजनों के काम पर जाने के बाद आयुषी सुबह पास ही के एक मंदिर में पूजा-अर्चना करने गई थी। पड़ोसियों ने उसे करीब साढ़े 11 बजे मंदिर से सामान्य रूप से लौटते हुए देखा था। इसके बाद वह घर पर बिल्कुल अकेली थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे जब उसकी मां मजदूरी के बीच समय निकालकर खाना खाने घर पहुंची, तो मुख्य दरवाजा खुला हुआ था। मां जैसे ही कमरे के भीतर दाखिल हुई, सामने का खौफनाक मंजर देखकर उसकी चीख निकल गई। आयुषी पंखे वाले हुक से रस्सी के सहारे लटकी हुई थी, और पैर के नीचे एक बाल्टी व कुर्सी रखी हुई थी।
आखिर डेढ़ घंटे में ऐसा क्या हुआ?
“सुबह तक हमारी बच्ची बिल्कुल ठीक थी। उसने खुद खाना खिलाकर हमें काम पर भेजा। मंदिर होकर आई। आखिर उस डेढ़ घंटे के सन्नाटे में ऐसा क्या हुआ कि उसने इतना खौफनाक रास्ता चुन लिया, हम कुछ समझ नहीं पा रहे हैं।”
— विजय कुमार, बिलखते हुए पीड़ित पिता
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा। कमरे की बारीकी से तलाशी ली गई, लेकिन पुलिस के हाथ कोई ऐसा सुराग या सुसाइड नोट नहीं लगा जिससे आत्महत्या की वजह साफ हो सके। फॉरेंसिक टीम ने भी कमरे से फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में मामला पूरी तरह से आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन लड़की के मोबाइल फोन और उसकी सहेलियों से पूछताछ के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि क्या वह किसी गुप्त मानसिक तनाव या अवसाद से गुजर रही थी। पुलिस हर संभावित कोण से इस रहस्यमयी मौत की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

