Rajasthan Weather: राजस्थान के लोगों को पिछले कई दिनों से सता रही भीषण गर्मी और उमस से आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के एक बड़े हिस्से में रविवार, 21 जून की सुबह मौसम का एक बेहद सुखद रूप लेकर आई।
जयपुर में तड़के सुबह करीब 4 बजे से ही अचानक आसमान में घने काले बादलों ने डेरा डाल लिया और देखते ही देखते तेज अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। जयपुर के टोंक रोड, मालवीय नगर, वैशाली नगर और जगतपुरा सहित तमाम इलाकों में हुई इस तेज बारिश से सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं और ठंडी हवाओं के चलने से सुबह के तापमान में 15 डिग्री तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।
दो सिस्टम एक्टिव होने से बदला मौसम, 19 जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के जयपुर केंद्र के अनुसार, यह अचानक आया मौसमी बदलाव अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के आपस में टकराने के कारण हुआ है। इसके साथ ही राजस्थान के ऊपर एक नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव हो गया है।
इस दोहरे सिस्टम के चलते मौसम वैज्ञानिकों ने आज प्रदेश के 19 जिलों में तेज आंधी और मेघगर्जन के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र का कहना है कि जयपुर और इसके आस-पास के इलाकों में आज दिनभर बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बौछारें गिरती रहेंगी, जिससे रविवार को अधिकतम पारे में 3 से 4 डिग्री की और कमी आएगी।
अजमेर में गर्मी गायब और कोटा संभाग में बिजली कड़कने का ऑरेंज अलर्ट
राजधानी के साथ-साथ अजमेर और उसके आस-पास के क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह पलट चुका है। पिछले 24 घंटों में अजमेर में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जिसके बाद आज सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही हैं। शनिवार को यहां का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम है।
उधर, कोटा और पूरे हाड़ौती अंचल में प्री-मानसून की गतिविधियों ने डरावना रूप अख्तियार कर लिया है। मौसम विभाग ने कोटा, बारां और झालावाड़ के लिए वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की आशंका जताते हुए विशेष चेतावनी जारी की है। इस बारिश को देखकर किसानों ने खरीफ की फसलों की बुवाई के लिए खेत संवारने शुरू कर दिए हैं।
पश्चिमी राजस्थान में भी उमस का पहरा, 24 जून को पहुंचेगा मुख्य मानसून
रेगिस्तानी इलाके बीकानेर और चूरू संभाग में भी मौसम तेजी से करवट ले रहा है। बीकानेर में शनिवार को अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से करीब 2.8 डिग्री कम था।
हालांकि, हवा में नमी (आर्द्रता) का स्तर 75 फीसदी तक पहुंचने के कारण यहां के लोग भारी उमस से बेहाल हैं, लेकिन आसमान में उमड़ते बादलों को देखकर यहां भी कभी भी आंधी और बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है। दौसा जिला मुख्यालय और ग्रामीण इलाकों में भी सुबह से ही हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्री-मानसून की यह हलचल अगले दो दिनों तक ऐसे ही चलेगी, जिसके ठीक बाद 24 से 25 जून के बीच राजस्थान में मानसून विधिवत रूप से प्रवेश कर जाएगा।

