karnal News: (महाबीर मैहला) उत्तर भारत में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी और आसमान से बरसती आग ने आम जनजीवन को बेहाल कर रखा है। ऐसे थका देने वाले मौसम में अक्सर कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं, जो इंसानियत और सामाजिक सरोकार के प्रति हमारे भरोसे को और मजबूत कर देती हैं।
ऐसा ही कुछ नजारा नीलोखेड़ी में देखने को मिला, जहां सामाजिक संस्था ‘रोड़वंश परिवार ग्रुप’ के युवाओं ने इस तपती धूप में सड़कों पर निकलने वाले मुसाफिरों की सुध ली। ग्रुप की ओर से नीलोखेड़ी में एक विशाल छबील का आयोजन किया गया, जहां आम जनता के लिए शुद्ध और ठंडे गन्ने के रस की व्यवस्था की गई थी।
मुसाफिरों से लेकर मजदूरों तक, सबने कहा- ‘थैंक यू’
इस पुनीत कार्य की कमान रोड़वंश परिवार के सक्रिय सदस्य सौरव मथाना और अखिल भारतीय रोड़ महासभा के पूर्व प्रेस सचिव धर्मवीर खेड़ी रामनगर ने संभाल रखी थी। सुबह जैसे ही धूप ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू किए, ग्रुप के सदस्य गन्ने का ताजा रस निकालने और उसे राहगीरों को परोसने के काम में जुट गए।
दोपहर की जानलेवा गर्मी के वक्त जब लोगों का हलक सूख रहा था, तब इस छबील ने संजीवनी का काम किया। बड़े वाहनों को चला रहे ड्राइवरों, पैदल चलने वाले मुसाफिरों, तपती सड़कों पर काम करने वाले मजदूरों और आसपास के छोटे दुकानदारों ने रुक-रुककर इस शीतल पेय का आनंद लिया और इस सराहनीय पहल के लिए आयोजकों की पीठ थपथपाई।
‘सेवा ही सर्वोपरि’ : अन्य संगठनों के लिए प्रेरणा बना यह प्रयास
समारोह स्थल पर मौजूद लोगों से बातचीत करते हुए आयोजक सौरव मथाना और धर्मवीर खेड़ी ने बताया कि इस छबील के पीछे किसी तरह का प्रचार नहीं, बल्कि शुद्ध रूप से मानव कल्याण और समाज सेवा की भावना छिपी है। उन्होंने कहा, “हमारी सनातन संस्कृति में प्यासे को पानी या शरबत पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। ऐसे छोटे-छोटे प्रयास समाज में आपसी भाईचारे, ऊंच-नीच के भेद को मिटाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का काम करते हैं।”
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने भी युवाओं के इस जज्बे को सलाम किया। उनका कहना था कि आज के भागदौड़ भरे दौर में जहां लोग अपनी ही धुन में मगन रहते हैं, वहां रोड़वंश परिवार ग्रुप के इन युवाओं ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझा है। यह प्रयास इलाके की अन्य सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है। देर शाम तक चली इस छबील में सैकड़ों लीटर रस वितरित किया गया, जिसमें इलाके के कई गणमान्य लोगों ने भी स्वेच्छा से पहुंचकर सेवा में अपना हाथ बंटाया।

