Greater Noida Viral: महानगरों की चकाचौंध और आधुनिक लाइफस्टाइल के बीच सड़कों पर अश्लीलता और हुड़दंग के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा का है, जहां बिसरख थाना क्षेत्र की एक व्यस्त सड़क पर एक महिला ने नशे की हालत में ऐसा तमाशा खड़ा किया कि देखने वालों के होश उड़ गए।
पास की ही एक आलीशान सोसाइटी में रहने वाली इस 32 वर्षीय महिला का एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर तैर रहा है, जिसमें वह पूरी तरह होश खोकर बीच सड़क पर लेटी हुई नजर आ रही है।
दिनदहाड़े सड़क जाम, बजते रहे हॉर्न पर टस से मस नहीं हुई महिला
चश्मदीदों और वायरल क्लिप के मुताबिक, यह हाई-वोल्टेज ड्रामा दिनदहाड़े सड़क के बीचों-बीच चलता रहा। महिला के एक हाथ में सुलगती हुई सिगरेट थी और उसके ठीक बगल में शराब की बोतलें बिखरी पड़ी थीं।
इस अप्रत्याशित मंजर को देखकर सड़क के दोनों ओर वाहनों की रफ्तार अचानक थम गई। लोग लगातार हॉर्न बजाकर उसे हटने का इशारा करते रहे, लेकिन नशे के सुरूर में डूबी महिला पर इसका कोई असर नहीं हुआ। कुछ स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने इंसानियत के नाते उसे उठाने और सड़क के किनारे करने की कोशिश भी की, लेकिन महिला की हरकतों के आगे सभी प्रयास नाकाम साबित हुए। इस हंगामे के चलते चिलचिलाती धूप में लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
इंटरनेट पर कमेंट्स की बाढ़: ‘म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के’
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, यह जंगल की आग की तरह फैल गया और नेटिजन्स ने इस पर अपनी भड़ास निकालनी शुरू कर दी। हमेशा की तरह इस बार भी कमेंट बॉक्स दो फाड़ में बंट गया। कुछ यूजर्स ने आधुनिकता के नाम पर बढ़ती इस बदतमीजी पर गहरी चिंता जताई, तो कुछ ने इस पर तीखे तंज कसे।
एक यूजर ने तंजिया लहजे में लिखा, “यही तो असली जेंडर इक्वालिटी (लैंगिक समानता) है, आखिर इस मामले में महिलाएं पुरुषों से पीछे क्यों रहें भाई?” वहीं, दूसरे यूजर ने आमिर खान की मशहूर फिल्म ‘दंगल’ का रिफरेन्स देते हुए मजे लिए और लिखा, “म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के!” इन सबके बीच एक बड़े वर्ग ने कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
एक नाराज यूजर ने कमेंट किया, “सोचिए, अगर इसकी जगह कोई लड़का सड़क पर इस तरह शराब पीकर लेटा होता, तो पुलिस अब तक उसे हवालात की हवा खिला चुकी होती। लेकिन पक्षपातपूर्ण सामाजिक और कानूनी रवैये के कारण ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने से लोग बचते हैं।” इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर की हाई-प्रोफाइल सोसायटियों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और सार्वजनिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

