Nilokheri News: नीलोखेड़ी समाचार: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा नेता कर्म सिंह जाम्बा ने दी श्रद्धांजलिNilokheri News: नीलोखेड़ी समाचार: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर भाजपा नेता कर्म सिंह जाम्बा ने दी श्रद्धांजलि

Nilokheri News: नीलोखेड़ी(महाबीर मैहला)। देश की एकता, अखंडता और वैचारिक राष्ट्रवाद के पुरोधा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर आज नीलोखेड़ी क्षेत्र के गांव जाम्बा में आस्था और देशभक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर शिक्षाविद् डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि के अवसर पर गांव के बूथ नंबर 11 पर एक विशेष विचार गोष्ठी और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर बाबा हरिदास श्री कृष्ण गोपाल गऊशाला (बोहला खालसा) के चेयरमैन, गांव के पूर्व सरपंच व वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी कर्म सिंह जाम्बा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने डॉ. मुखर्जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

‘दो प्रधान, दो विधान और दो निशान’ के संकल्प को किया याद

उपस्थित जनसमूह और भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चौधरी कर्म सिंह जाम्बा ने डॉ. मुखर्जी के जीवन संघर्ष और उनकी राजनीतिक शुचिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महज एक राजनेता नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत की संप्रभुता के सबसे बड़े रक्षक थे। जब देश की सीमाओं और अस्मिता पर संकट था, तब उन्होंने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का सिंहनाद किया था। कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए उन्होंने बिना किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।” जाम्बा ने आगे कहा कि उनका त्याग और तपस्या युगों-युगों तक आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की सीख देती रहेगी।

अनुच्छेद 370 की समाप्ति डॉ. मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि

वरिष्ठ भाजपा नेता ने केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में देश उसी राह पर आगे बढ़ रहा है, जिसकी परिकल्पना जनसंघ के दिनों में डॉ. मुखर्जी ने की थी। कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए का खात्मा कर मौजूदा सरकार ने डॉ. मुखर्जी की आत्मा को सच्ची शांति और उनके संकल्प को वास्तविक रूप दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि पार्टी के प्रत्येक सदस्य की यह जिम्मेदारी है कि वे महापुरुषों के इन राष्ट्रवादी विचारों को समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लेकर जाएं।

नारों से गूंजा परिसर, राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प

श्रद्धांजलि सभा के अंत में वहां मौजूद सभी गणमान्य नागरिकों, महिलाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने देश के इस महान सपूत की याद में दो मिनट का मौन रखकर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके तुरंत बाद ही पूरा माहौल ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अमर रहें’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। इस मौके पर बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध जनों ने देश की उन्नति और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प भी लिया।

By Jagmarg