Haryana Weather: हरियाणा के 4 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट, 50 की स्पीड से चलेंगी हवाएंहरियाणा के 4 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट

Haryana Weather: हरियाणा में प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज राज्य के चार प्रमुख जिलों पंचकूला, अम्बाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही इन जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।

30 जून तक भीगता रहेगा प्रदेश, उमस भी बढ़ाएगी परेशानी

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राहत का यह सिलसिला केवल आज तक सीमित नहीं रहने वाला है। प्रदेश में 26 से 30 जून तक अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी हवाओं की वजह से बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके बाद जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने के संकेत हैं। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा, जिसका सीधा मतलब है कि बारिश के बाद बढ़ने वाली उमस आम जनता को थोड़ा परेशान कर सकती है।

रोहतक में पारा 42 के पार, जून के अंत में भी गर्मी का अहसास

अगर बीते 24 घंटों की बात करें, तो राज्य के अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद राहत की बात यह है कि यह इस सीजन के सामान्य तापमान से करीब 1.9 डिग्री कम बना हुआ है। गुरुवार को रोहतक जिला 42.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं, अम्बाला में पारा 40.0 डिग्री, हिसार में 40.8 डिग्री और करनाल में 38.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उधर, नारनौल में आज सुबह से ही आसमान साफ है और तेज धूप खिली हुई है, जिससे न्यूनतम तापमान में भी उतार-चढ़ाव जारी है।

बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने की हिदायत

मौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने आम लोगों सहित किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। खेतों में काम कर रहे किसानों को मौसम खराब होने की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को कहा गया है। विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि आंधी और बिजली कड़कने के दौरान लोग खुले मैदानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल भी खड़े न हों, क्योंकि इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा सबसे अधिक रहता है।