Tirupati Balaji Hair Donation: अनंत अंबानी पहुंचे तिरुपति बालाजी, भगवान वेंकटेश्वर के दरबार में कराया मुंडन, तस्वीरें वायरलअनंत अंबानी ने भगवान वेंकटेश्वर को अर्पित किए अपने बाल, सोशल मीडिया पर लोग कर रहे तारीफ

Tirupati Balaji Hair Donation: मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई बिजनेस डील या भव्य शादी नहीं, बल्कि उनकी गहरी धार्मिक आस्था है। अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश की पहाड़ियों में स्थित विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर पहुंचकर भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन किए। इस यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने वहां की प्राचीन परंपरा का पालन करते हुए अपना मुंडन करवाया और भगवान के चरणों में बाल अर्पित किए। जैसे ही इंटरनेट पर उनकी बिना बालों वाली तस्वीरें वायरल हुईं, आम लोगों के बीच यह कौतूहल बढ़ गया कि आखिर देश-विदेश के बड़े-बड़े रईसों से लेकर आम आदमी तक, तिरुपति में आकर बाल दान करने की इस रस्म को इतनी शिद्दत से क्यों निभाते हैं।

अहंकार को त्यागने की अनूठी रस्म; क्या है इसके पीछे का गहरा आध्यात्मिक संदेश?

सनातन धर्म और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मानव शरीर में बाल केवल सुंदरता का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि इन्हें व्यक्ति के रूप, सौंदर्य और सबसे बढ़कर उसके ‘अहंकार’ (घमंड) से जोड़कर देखा जाता है। जब कोई भक्त तिरुपति बालाजी के दरबार में आकर अपने सिर के बाल पूरी तरह कटवा देता है, तो आध्यात्मिक तौर पर वह यह संदेश देता है कि वह समाज में अपनी हैसियत, पद और रूप का अभिमान छोड़कर पूरी तरह से ईश्वर की शरण में आ चुका है। इसे भगवान वेंकटेश्वर के प्रति सर्वोच्च विनम्रता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि यहां आने वाले श्रद्धालु बिना किसी संकोच के, अपनी मर्जी से इस परंपरा का हिस्सा बनते हैं।

मन्नत पूरी होने पर झुकता है सिर; महिलाएं और नवजात भी होते हैं शामिल

तिरुपति की यह परंपरा इस मायने में भी खास है कि यहां सिर्फ पुरुष ही मुंडन नहीं कराते। देश-दुनिया से आने वाली हजारों महिलाएं और छोटे बच्चे भी इस रस्म को सहर्ष निभाते हैं। बहुत से लोग अपनी जिंदगी की बड़ी मुश्किलों, बीमारी या करियर की सफलताओं के लिए बालाजी से मन्नत मांगते हैं। जब उनकी वह मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वे आभार व्यक्त करने के लिए मंदिर परिसर में बने विशेष ‘कल्याण कट्टा’ (मुंडन हॉल) में जाकर अपने बाल दान करते हैं। इसके अलावा, देश के कोने-कोने से हिंदू परिवार अपने नवजात शिशुओं का पहला मुंडन (जडूला) कराने के लिए भी तिरुपति आना बेहद शुभ और फलदायी मानते हैं।

टन के हिसाब से जमा होते हैं बाल, जानिए कैसे वैश्विक नीलामी से होती है करोड़ों की कमाई

अब सवाल उठता है कि रोज लाखों लोगों द्वारा दान किए जाने वाले इन बालों का मंदिर प्रबंधन करता क्या है? दरअसल, तिरुपति देवस्थानम (TTD) इन बालों को बेहद सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से कलेक्ट करता है। इसके बाद लंबाई और गुणवत्ता के आधार पर इनकी छंटनी की जाती है। इन बालों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बकायदा ऑनलाइन नीलामी की जाती है, जिसका उपयोग वैश्विक स्तर पर विग और अन्य ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने के लिए होता है। इस नीलामी से हर साल मंदिर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये की आय होती है, जिसका एक-एक पैसा अस्पताल चलाने, मुफ्त भोजन (अन्नाप्रसादम), स्कूल-कॉलेज और अन्य जनकल्याणकारी व सामाजिक सेवा कार्यों में पूरी पारदर्शिता के साथ खर्च किया जाता है।