Kaithal BLO FIR orders: कैथल में चुनावी ड्यूटी में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 4 BLO के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश
कैथल में 4 कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी
Kaithal BLO FIR orders: हरियाणा के कैथल जिले से प्रशासनिक अमले को झकझोर देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान को हल्के में लेना चार बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को भारी पड़ गया। चुनावी काम में बरती गई कथित लापरवाही और उदासीनता को देखते हुए गुहला (आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने गुहला और सीवन के थाना प्रभारियों को पत्र लिखकर इन चारों बीएलओ के खिलाफ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश जारी किए हैं।
क्यों रडार पर आए चारों अधिकारी?
दरअसल, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए 15 जून 2026 से एक बेहद महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत की है। इस मुहिम के तहत बीएलओ को घर-घर जाकर वोटरों का सत्यापन करना, नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना और सबसे अहम, मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) का डिजिटाइजेशन करना था। इस समयबद्ध कार्य को पूरा करने के लिए सभी कर्मचारियों को कड़े निर्देश थे। लेकिन जब 30 जून को दोपहर 2 बजे समीक्षा की गई, तो पाया गया कि ये चारों अधिकारी अपने तय बूथों पर 20 फीसदी काम भी नहीं निपटा पाए थे।
फोन पर चेतावनी और नोटिस भी रहे बेअसर
एसडीएम कार्यालय से जारी पत्र के मुताबिक, इन कर्मचारियों की सुस्त रफ्तार को देखते हुए इन्हें कई बार फोन पर हिदायत दी गई थी और कारण बताओ नोटिस जारी कर अपनी परफॉर्मेंस सुधारने का मौका भी दिया गया। इसके बावजूद इनके रवैए और काम की प्रगति में कोई सुधार देखने को नहीं मिला। निर्वाचन आयोग के मुताबिक, यह अभियान सीधे तौर पर लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की कोताही या सुस्ती बर्दाश्त से बाहर है। इसी को आधार बनाकर पुलिस केस दर्ज करने की सख्त संस्तुति की गई है।
इन बूथों के प्रभारियों पर दर्ज होगा मुकदमा, प्रशासनिक हलके में हड़कंप
जिन बीएलओ के खिलाफ इस सख्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की गई है, उनमें मतदान केंद्र संख्या 81 (भागल) के कर्म सिंह, केंद्र संख्या 103 (औंध) के नरेंद्र पाल, केंद्र संख्या 170 (सीवन) के अनिल कुमार और मतदान केंद्र संख्या 191 (लैंडर कीमा) के राजेश कुमार का नाम शामिल है। पुलिस को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि केस दर्ज होते ही इसकी आधिकारिक सूचना जिला निर्वाचन कार्यालय को भेजी जाए। इस कड़े कदम की प्रतिलिपि कैथल के उपायुक्त, जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी भेज दी गई है। अगर पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे बढ़ती है, तो ड्यूटी से जी चुराने वाले अन्य कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ा और नजीर बनने वाला सबक होगा।
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