Mohali News: ऑनलाइन आवेदन में देरी के बाद मोहाली में विवाद, आंगनवाड़ी वर्कर पर घर में घुसकर हमला, जांच में जुटि पुलिस
बेड पर लेटी आंगनवाड़ी वर्कर, पड़ोसियों ने की थी मारपीट
Mohali News: मोहाली जिले के डेराबस्सी के निकट स्थित गांव बड़ाना में सरकारी योजना के ऑनलाइन आवेदन भरने के दौरान तकनीकी समस्या के बाद विवाद हिंसा में बदल गया। आरोप है कि पंजाब सरकार की ‘मावां-धीआं सतिकारयोग योजना’ के आवेदन समय पर जमा नहीं होने से नाराज पड़ोसी परिवार के चार सदस्य एक आंगनवाड़ी वर्कर के घर में घुस आए और उन पर हमला कर दिया। घायल महिला गुरदीप कौर को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल डेराबस्सी में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के बयान दर्ज किए और मामले की जांच शुरू कर दी है।
एम-सेवा ऐप का सर्वर धीमा होने से बढ़ा विवाद
पीड़िता गुरदीप कौर के बेटे कमलजीत सिंह के अनुसार उनकी मां गांव में सरकारी ड्यूटी के तहत ‘मावां-धीआं सतिकारयोग योजना’ के लाभार्थियों के ऑनलाइन आवेदन भर रही थीं। इस दौरान ‘एम-सेवा’ ऐप का सर्वर लगातार धीमा चल रहा था, जिससे आवेदन सबमिट होने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा था। परिजनों का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले परिवार के सदस्य तत्काल आवेदन पूरा करने का दबाव बना रहे थे। जब गुरदीप कौर ने तकनीकी समस्या दूर होने के बाद आवेदन पूरा करने की बात कही तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप
परिजनों के अनुसार विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने पहले बीच-बचाव कर रहे कमलजीत सिंह के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इसके बाद चारों आरोपी कथित रूप से घर के भीतर घुस आए और गुरदीप कौर के साथ मारपीट की। परिवार का आरोप है कि हमले के दौरान महिला के चेहरे पर कई वार किए गए, जिससे उनके दांत प्रभावित हुए। पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने महिला के कपड़े फाड़ दिए और जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए।
पीड़िता ने सरकारी ड्यूटी निभाने की बात कही
गुरदीप कौर का कहना है कि गांव में उनका किसी के साथ कोई पुराना विवाद नहीं है। उनके अनुसार वह केवल सरकारी जिम्मेदारी निभाते हुए योजना के ऑनलाइन आवेदन भर रही थीं। उन्होंने कहा कि सर्वर धीमा होना विभाग की तकनीकी समस्या थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें इसका जिम्मेदार ठहराकर कथित रूप से निशाना बनाया गया और उनके साथ मारपीट की गई।
पुलिस ने जांच शुरू की, मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस सिविल अस्पताल डेराबस्सी पहुंची और घायल महिला के बयान दर्ज किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पीड़िता के बयान, मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच जारी होने की पुष्टि की है।
फ्रंटलाइन कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद डेराबस्सी और आसपास के क्षेत्रों में कार्यरत आंगनवाड़ी वर्करों और अन्य फ्रंटलाइन कर्मचारियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सरकारी योजनाओं के ऑनलाइन कार्य के दौरान तकनीकी बाधाओं का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ने की आशंका पर भी चर्चा तेज हुई है। स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि सरकारी ड्यूटी के दौरान फ्रंटलाइन कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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