Mohali News: मोहाली में बच्चों के अंतिम संस्कार में पहुंची आरोपी मां, परिजनों ने अंतिम दर्शन से रोका, तीसरे बच्चे की तलाश जारी
तीन बच्चों को नहर में फेंकने का मामला
Mohali News: मोहाली के मटौर गांव में बुधवार को नहर में डूबे दो बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान तीन बच्चों को नहर में फेंकने की आरोपी महिला शकुंतला भी अपने भाई और भाभी के साथ ऑटो से श्मशान घाट पहुंची, लेकिन परिजनों ने उसे बच्चों का अंतिम दर्शन नहीं करने दिया। परिवार का कहना था कि जिस महिला पर बच्चों की हत्या का आरोप है, उसे उनका चेहरा देखने का अधिकार नहीं है। अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
जैसे ही शकुंतला श्मशान घाट पहुंची, परिजनों ने उसका विरोध किया और बच्चों के पास जाने से रोक दिया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि आरोपी महिला को अंतिम दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस फैसले का समर्थन किया।
महिला ने अपने बचाव में क्या कहा
अंतिम दर्शन नहीं करने देने पर शकुंतला ने दावा किया कि उसने कोई गलती नहीं की। उसके अनुसार उसने भी बच्चों के साथ नहर में छलांग लगाई थी, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने उसे देख लिया और बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। इस दावे की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शकुंतला ने आरोप लगाया कि नौ महीने पहले पति कमल की आत्महत्या के बाद से ससुराल पक्ष लगातार उसे प्रताड़ित कर रहा था। उसने दावा किया कि देवर, सास, ससुर, ननद और नंदोई उसके साथ मारपीट करते थे। महिला का कहना है कि उसने कई लोगों और गांव के प्रधान से भी मदद मांगी, लेकिन कहीं से सहायता नहीं मिली। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मेला दिखाने के बहाने बच्चों को ले गई थी
पुलिस के अनुसार, सोमवार दोपहर शकुंतला अपने तीन बच्चों—10 वर्षीय तपेश, 7 वर्षीय तन्वी और 4 वर्षीय नितिन—को मेला दिखाने का कहकर घर से निकली थी। इसके बाद वह रोपड़ स्थित नहर पहुंची और बच्चों के साथ छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने महिला को बचा लिया, जबकि पुलिस और गोताखोरों ने दो बच्चों के शव बरामद कर लिए।
मोहाली पुलिस ने मंगलवार को आरोपी महिला से पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर रोपड़ की नहर में तीसरे बच्चे की तलाश कराई गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक शव बरामद नहीं हो सका था। पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है और मामले की जांच भी सभी पहलुओं से की जा रही है।
मृत बच्चों के दादा रामबाबू ने आरोप लगाया कि शकुंतला पहले से ही बच्चों को नुकसान पहुंचाना चाहती थी और मौका मिलने पर उसने यह कदम उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि बेटे कमल की आत्महत्या के बाद वह ज्यादातर समय मोबाइल फोन पर रहती थी और लंबे समय तक किसी से बात करती थी। वहीं अंतिम संस्कार में पहुंचे कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और मामले में जल्द सख्त कार्रवाई की मांग की।
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