Rewari Blind Murder Case: रेवाड़ी में कलयुगी पत्नी का खौफनाक चेहरा, प्रेमी के साथ मिलकर पति को नहर में डुबोकर मारा
दवाई लेने निकले मोनू को पत्नी ने जाल बिछाकर बुलाया
Rewari Blind Murder Case: हरियाणा के रेवाड़ी में कानून के रखवालों ने एक ऐसी अंधी हत्या (ब्लाइंड मर्डर) की गुत्थी को सुलझाने में कामयाबी हासिल की है, जिसे बेहद शातिराना अंदाज में अमलीजामा पहनाया गया था। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा (IPS) के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत काम कर रही थाना कसौला पुलिस ने 21 वर्षीय मोनू की मौत के रहस्य से पर्दा उठा दिया है।
जिस शव को देखकर परिजन और पुलिस पहले पानी में डूबने की प्रशासनिक दुर्घटना मान रहे थे, वह दरअसल अवैध संबंधों की बलिवेदी पर चढ़े एक बेगुनाह पति की सोची-समझी हत्या निकली। इस मामले में पुलिस ने मृतक की मुस्तैद पत्नी और उसके एक साथी को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
दवाई लेने निकला था इकलौता चिराग, नहर में तैरती मिली लाश
वारदात की शुरुआत 8 जून की रात से होती है। गांव जड़थल निवासी रतनलाल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 21 वर्षीय बेटा मोनू रात करीब 10 बजे अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी पर घर से दवाई लेने निकला था, लेकिन पूरी रात बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की ही थी कि दो दिन बाद यानी 10 जून को गांव आसलवास के पास बहने वाली नहर में एक अज्ञात युवक का शव उतराता हुआ मिला।
शिनाख्त करने पर वह शव मोनू का ही निकला। मौके पर पहुंची एफएसएल (सीन ऑफ क्राइम) की टीम को मोनू के शरीर पर जाहिरा तौर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले और स्कूटी भी किनारे पर खड़ी थी, जिससे पूरा शक इसी ओर गया कि पैर फिसलने या किसी अन्य कारण से मोनू नहर में डूब गया।
परिजनों के शक पर घूमा जांच का पहिया, सीडीआर और तकनीक ने उगला सच
पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया, लेकिन रतनलाल और उनके परिवार को इस थ्योरी पर यकीन नहीं था। उन्होंने मोनू की हत्या किए जाने की गंभीर आशंका जताई। इसके बाद डीएसपी सुरेंद्र श्योराण के नेतृत्व में पुलिस ने तफ्तीश की दिशा बदली और मामले में हत्या की संगीन धाराएं जोड़कर वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स) को खंगालना शुरू किया।
जैसे ही कड़ियां आपस में जुड़ीं, शक की सुई सीधे मोनू के अपने घर यानी उसकी पत्नी तन्नु (निवासी गांव कसोली) पर जाकर टिक गई। पुलिस ने जब तन्नु और उसके एक संदिग्ध मददगार हरिओम (निवासी मुंडनवास कमालपुर) को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो जो सच सामने आया उसने सबको झकझोर कर रख दिया।
प्रेमी के संग मिलकर बुना मौत का जाल, ऐसे दी वारदात को अंजाम
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सनसनीखेज हत्याकांड का ब्योरा देते हुए बताया कि मोनू की पत्नी तन्नु का गांव के ही सोनू नाम के युवक के साथ काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों मोनू को अपनी राह का सबसे बड़ा रोड़ा मान रहे थे और उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाना चाहते थे।
इस खूनी साजिश में सोनू ने अपने दो दोस्तों, हरिओम और अमन को भी शामिल किया। 8 जून की रात को तन्नु ने योजना के तहत फोन कर मोनू को बहला-फुसलाकर मायके के पास गांव कसोली बुलाया। मोनू जैसे ही वहां पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठे हरिओम और अमन ने उसे दबोच लिया। इसके बाद दोनों ने मोनू का मुंह और नाक इतनी बेरहमी से भींचे कि वह कुछ ही पलों में बेसुध हो गया। साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी उसे आसलवास नहर पर ले गए और स्कूटी खड़ी कर उसे पानी में फेंक दिया।
फिलहाल, अदालत ने पकड़े गए दोनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब मुख्य सूत्रधार सोनू और सह-आरोपी अमन की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही एफएसएल की फाइनल विसरा रिपोर्ट का भी इंतजार है, ताकि कोर्ट में यह अकाट्य सबूत पेश किया जा सके कि मोनू की मौत पानी में डूबने से हुई या पानी में फेंकने से पहले ही उसका दम घोंट दिया गया था।
