Pehowa News: पिहोवा में बिजली कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, SDO दफ्तर के बाहर 2 घंटे तक किया जोरदार प्रदर्शन
पिहोवा में बिजली कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, जोरदार प्रदर्शन
Pehowa News (अभिषेक पूर्णिमा) पिहोवा में बिजली विभाग के कर्मचारियों और सब-डिवीजनल अधिकारियों (SDO) के बीच का गतिरोध अब सड़कों पर आ गया है। अपनी लंबे समय से लंबित मांगों और काम के अत्यधिक दबाव से परेशान एचएसईबी वर्कर्स यूनियन ने शुक्रवार को सब-डिवीजन दफ्तर का घेराव किया और दो घंटे तक जमकर नारेबाजी की। सब यूनिट प्रधान बलिंद्र सिंह की अध्यक्षता और सह सचिव हरभजन सिंह के मंच संचालन में हुए इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि अगर प्रशासन ने समय रहते सुध नहीं ली, तो शहर की बिजली व्यवस्था आने वाले दिनों में चरमरा सकती है।
4 हजार का नियम, 16 हजार का बोझ: कर्मचारियों की जान पर आफत
यूनिट प्रधान बलबीर रंगा ने प्रदर्शन के पीछे की जमीनी हकीकत बयां करते हुए बताया कि वर्तमान में पिहोवा के शहरी शिकायत केंद्र के दायरे में करीब 16 हजार उपभोक्ता आते हैं। विभागीय गाइडलाइंस और नियमों की मानें तो सुचारू व्यवस्था के लिए प्रति 4 हजार उपभोक्ताओं पर एक अलग शिकायत केंद्र का होना अनिवार्य है। इस लिहाज से शहर में कम से कम चार केंद्र होने चाहिए, लेकिन विभाग एक ही केंद्र से पूरा शहर हांक रहा है।
यूनियन ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिन-रात काम के इस जानलेवा दबाव के कारण पूर्व में भी विभाग के एक कर्मचारी की असमय मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा, नींद पूरी न होने और थकावट के चलते कई लाइनमैन फील्ड में काम करते समय करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस चुके हैं। काम समय पर न होने की वजह से आए दिन दफ्तरों में कर्मचारियों और आम जनता के बीच तीखी नोकझोंक और विवाद आम बात हो गई है।
नई नियुक्तियों ने बढ़ाई मुसीबत, खाली पड़े हैं सब-स्टेशन
समस्या सिर्फ कार्यभार तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी स्टाफ का टोटा भी एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। सचिव रणजीत सिंह ने बताया कि सतोड़ा और गलेडवा शिकायत केंद्रों के साथ-साथ 33 केवी के तीन मुख्य सब-स्टेशनों (ईशाक, बाखली और गुलडेहरा) में तैनात कई कर्मचारी हाल ही में दूसरी सरकारी नौकरियों की जॉइनिंग सूची में चयनित होकर यहां से इस्तीफा दे चुके हैं। कर्मचारियों के चले जाने से इन सब-स्टेशनों पर काम पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित में नई नियुक्तियां करने की गुहार लगाई गई, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा।
वार्ता न होने से भड़का आक्रोश, 6 जुलाई से पूर्ण तालाबंदी की चेतावनी
यूनियन के पदाधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने प्रशासन को इन तमाम समस्याओं को सुलझाने के लिए 25 जून तक का पर्याप्त समय दिया था। उम्मीद थी कि अधिकारी बीच का रास्ता निकालने के लिए यूनियन को बातचीत की मेज पर बुलाएंगे, लेकिन अधिकारियों के अड़ियल रवैये के चलते न तो कोई बैठक हुई और न ही कोई ठोस कदम उठाया गया। इसी अनदेखी से नाराज होकर कर्मचारियों को दफ्तर छोड़कर बाहर आना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत अमलीजामा नहीं पहनाया गया, तो आने वाली 6 जुलाई से वे शहरी शिकायत केंद्र को पूरी तरह बंद कर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली निगम की होगी। इस रोष प्रदर्शन में बलदेव सिंह, मुकेश कुमार, दीप कुमार, शमशेर, बलजिंदर, रोशन, हरपाल, दीपक कुमार, करनैल सिंह और सुनील कुमार सहित भारी संख्या में बिजली कर्मी मौजूद रहे।
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