Kaithal News: साइबर अपराध और पॉक्सो कानून पर बोले सीजेएम, बच्चों को दी मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी
बाल विवाह और नशे के खिलाफ कैथल में अभियान
Kaithal News: कैथल। “शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि देश के कानून और अपने अधिकारों के प्रति सजग होना भी हर विद्यार्थी के लिए उतना ही जरूरी है।” यह विचार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कंवल कुमार ने व्यक्त किए। वे कैथल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, जड़ौला में आयोजित एक दिवसीय विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य नौनिहालों को किशोरावस्था में होने वाले अपराधों, उनके कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना था।
सोशल मीडिया के दौर में ‘साइबर सेफ्टी’ और पॉक्सो पर विशेष चर्चा
आज के डिजिटल युग में जिस तरह बच्चे सोशल मीडिया और इंटरनेट की ओर आकर्षित हो रहे हैं, उसे देखते हुए सीजेएम कंवल कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों (Cyber Crime) के खतरों से आगाह किया। उन्होंने बेहद सरल भाषा में समझाया कि इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि वे किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी या जालसाजी का शिकार न बनें।
इसके साथ ही उन्होंने बच्चों की सुरक्षा के लिए बने कड़े कानूनों, विशेषकर पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act), बाल विवाह निषेध कानून और बाल अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नशे के खिलाफ चल रहे अभियानों से जुड़ने का आह्वान करते हुए बच्चों से कहा कि वे समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
किसी भी विपरीत परिस्थिति या संकट के समय तुरंत मदद के लिए उन्होंने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 और चाइल्डलाइन नंबर 1098 का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी बच्चे को कानूनी सहायता की जरूरत है, तो वह बिना किसी झिझक के जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी मदद ले सकता है।
जड़ौला स्कूल की सुव्यवस्था देख गदगद हुए सीजेएम
व्याख्यान के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने विद्यालय परिसर का सघन निरीक्षण भी किया। स्कूल की कक्षाओं का ढांचा, चारों तरफ फैली हरियाली, साफ-सफाई और विद्यार्थियों के बीच गजब का अनुशासन देखकर वे काफी प्रभावित हुए।
सीजेएम ने कहा, “किसी भी संस्थान का वातावरण ही वहां के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।” उन्होंने इस सकारात्मक माहौल को तैयार करने के लिए स्कूल के प्राचार्य देवराज, लीगल लिटरेसी क्लब के प्रभारी बलवान और समूचे टीचिंग स्टाफ के सामूहिक प्रयासों की सराहना की और इसे अन्य स्कूलों के लिए एक रोल मॉडल बताया।
जिम्मेदार नागरिक बनाने में मददगार साबित होंगे ऐसे शिविर: प्राचार्य
इससे पूर्व, कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के प्राचार्य देवराज ने मुख्य अतिथि और उनकी टीम का विधिवत स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में कानून की बुनियादी समझ होना हर नागरिक के लिए ढाल की तरह काम करता है। इस तरह के जागरूकता शिविर किताबी दायरे से बाहर निकलकर विद्यार्थियों को समाज के प्रति संवेदनशील और एक जिम्मेदार नागरिक बनाने का काम करते हैं।
मंच संचालन और पूरे कार्यक्रम के सफल नियोजन में स्कूल के लीगल लिटरेसी प्रभारी बलवान ने मुख्य भूमिका निभाई। शिविर के समापन पर स्कूल प्रबंधन की ओर से मुख्य अतिथि सीजेएम कंवल कुमार को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया और सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस मौके पर स्कूल के तमाम शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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