Haryana Cyber Attack: हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल हैक होने से हड़कंप, थाईलैंड से जुड़े तार, करोड़ों के भुगतान फंसे
हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल हैक होने से हड़कंप, ठेकेदारों के करोड़ों के पेमेंट में बड़े हेरफेर की आशंका
Haryana Cyber Attack: हरियाणा के सरकारी महकमों से जुड़ी एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। प्रदेश सरकार का सबसे बड़ा टेक्निकल और वित्तीय आधार स्तंभ माना जाने वाला ‘हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल’ (HEWP) एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर हमले का शिकार हो गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह महत्वपूर्ण पोर्टल पिछले काफी समय से हैकर्स के नियंत्रण में था, लेकिन इसकी देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट को लंबे समय तक इसकी भनक तक नहीं लगी। पिछले हफ्ते जब अचानक इस सुरक्षा चूक का खुलासा हुआ, तो चंडीगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
9 जुलाई से सेवाएं ठप, ‘सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस’ का बहाना बना छिपाया राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने आनन-फानन में बीती 9 जुलाई से इस पोर्टल को पूरी तरह ऑफलाइन यानी बंद कर दिया है। पिछले पांच दिनों से वेबसाइट बंद होने के कारण 24 से अधिक विभागों में ई-टेंडरिंग, ठेकेदारों के ऑनलाइन बिल भुगतान और नए ठेकेदारों के क्रेडेंशियल रजिस्ट्रेशन समेत तमाम विकास कार्य पूरी तरह से ठप हो गए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इस गंभीर साइबर सेंधमारी को दबाने के लिए संबंधित विभागों को सिर्फ इतना संदेश भेजा गया है कि ‘सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस का काम चल रहा है।’ इस वजह से कई विभागों के आला अधिकारी भी अब तक वास्तविक स्थिति से अनजान हैं।
थाईलैंड से जुड़े हैंकिंग के तार, स्क्रीन पर दिख रही विदेशी भाषा
शुरुआती तकनीकी जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। इस हैकिंग के पीछे किसी विदेशी हैकर गिरोह का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके तार सीधे थाईलैंड से जुड़े प्रतीत हो रहे हैं।
मौजूदा समय में जब भी कोई यूजर या अधिकारी इस पोर्टल (HEWP) को खोलने की कोशिश कर रहा है, तो स्क्रीन पर वेबसाइट के मूल लेआउट के साथ थाईलैंड की भाषा लिखी हुई आ रही है। हालांकि, पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के शीर्ष अधिकारी अभी भी ऑन-रिकॉर्ड इस हैकिंग की आधिकारिक पुष्टि करने से बच रहे हैं, लेकिन भीतर खाने बैठकों का दौर जारी है।
करोड़ों के वित्तीय हेरफेर का खतरा, डेटा का हो रहा है मिलान
इस साइबर हमले ने सरकार के सामने सबसे बड़ा संकट वित्तीय सुरक्षा को लेकर खड़ा कर दिया है। सरकार की आईटी विंग और पब्लिक हेल्थ विभाग की टेक्निकल टीमें इस समय युद्धस्तर पर यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं हैकर्स ने पोर्टल में सेंध लगाकर ठेकेदारों को जारी होने वाले करोड़ों रुपये के भुगतान अपने फर्जी खातों में तो ट्रांसफर नहीं कर लिए।
इस बड़े जोखिम को भांपते हुए विभाग की सभी शाखाओं से ई-टेंडरिंग और बिलिंग का पिछला पूरा रिकॉर्ड इकट्ठा किया जा रहा है, ताकि एक-एक पैसे के ट्रांजैक्शन का बारीकी से मिलान किया जा सके। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दबी जुबान में स्वीकार किया है कि स्थिति काफी संवेदनशील है।
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