Palwal News: दो सगी बहनों को कमरे में बंद कर पीटा, केस करने पर दी तीन तलाक की धमकी
दो सगी बहनों को कमरे में बंद कर पीटा
Palwal News: वैवाहिक रिश्तों को बचाने की खातिर महिलाएं किस हद तक प्रताड़ना सहती हैं, इसकी एक बानगी पलवल जिले के उटावड़ थाना क्षेत्र में देखने को मिली है। यहां दो सगी बहनों को उनके ही ससुराल वालों ने हवस और हैवानियत का शिकार बनाते हुए न सिर्फ बंधक बनाकर रखा, बल्कि उनके साथ जानवरों जैसा सलूक किया गया। बात यहीं खत्म नहीं हुई; जब पीड़ितों ने कानून का दरवाजा खटखटाने की कोशिश की, तो उन्हें जान से मारने और समाज में प्रतिबंधित ‘तीन तलाक’ देकर जिंदगी बर्बाद करने की खुली धमकी दी गई। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में दोनों पतियों समेत पांच लोगों पर शिकंजा कस दिया है।
5 साल तक सहती रहीं जुल्म, 7 जुलाई को पार हुई हदें
उटावड़ थाना प्रभारी दिनेश कुमार से मिली जानकारी के मुताबिक, खिल्लुका गांव की रहने वाली कलसूमन ने पुलिस को दी शिकायत में अपनी आपबीती सुनाई है। कलसूमन और उसकी बहन शबनम का निकाह करीब 5 साल पहले मलाई गांव के दो भाइयों हसीन और शौकत के साथ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दोनों बहनों को छोटी-मोटी बातों पर प्रताड़ित करने लगे थे। घर न उजड़े, इस आस में दोनों बहनें हर जुल्म खामोशी से सहती रहीं। लेकिन बीते 7 जुलाई की सुबह ससुराल वालों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। दोनों बहनों को एक अंधेरे कमरे में बंद कर दिया गया और लाठी-डंडों से उनकी बेरहमी से पिटाई की गई।
चुपके से पिता को किया फोन, पुलिस ने कराया आजाद
कमरे में कैद कलसूमन ने किसी तरह हिम्मत जुटाई और खिड़की के रास्ते एक पड़ोसी के मोबाइल की मदद से अपने पिता फारूक को फोन लगाकर रोते हुए पूरी दास्तां बयां की। पिता ने तुरंत पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन शुरुआत में पुलिस ने इसे घरेलू विवाद मानकर टालने की कोशिश की। अगले दिन यानी 8 जुलाई को बेबस पिता खुद उटावड़ थाने पहुंचे और हाथ जोड़कर बेटियों की जान बचाने की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उटावड़ पुलिस तुरंत मलाई गांव पहुंची और दबिश देकर दोनों बहनों को ससुराल वालों के चंगुल से आजाद कराया।
अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही दर्ज कराई FIR, जांच में जुटी पुलिस
ससुराल वालों की पिटाई से दोनों बहनों के शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं, जिसके चलते पुलिस ने उन्हें तुरंत हथीन के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया। करीब एक हफ्ते तक चले इलाज के बाद जब दोनों बहनें चलने-फिरने की हालत में हुईं, तो 14 जुलाई को कलसूमन ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी।
शिकायत में आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें धमकी दी है कि अगर उन्होंने पुलिस केस किया तो वे उन्हें तीन तलाक दे देंगे। पुलिस ने इस मामले में हसीन, शौकत समेत 5 नामजद लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
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