Tryrim Bank Scam: एफडी-आरडी के नाम पर पानीपत के 300 परिवारों से ठगी, मैच्योरिटी के बाद भी नहीं मिल रहे पैसे
पानीपत में कथित बैंक का बड़ा खेल: एजेंटों ने बंद किए फोन, दफ्तरों के चक्कर काट रहे बेबस खाताधारक
Tryrim Bank Scam: औद्योगिक नगरी पानीपत में आम जनता को झांसा देकर उनकी मेहनत की कमाई पर डाका डालने का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सेक्टरों और तंग बस्तियों में ‘ट्राईरिम बैंक’ नाम से पैर पसारने वाली एक कथित वित्तीय कंपनी रातों-रात सैकड़ों परिवारों के लिए जी का जंजाल बन गई है।
लोगों ने अपनी भविष्य की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई और शादियों के लिए इस तथाकथित बैंक में लाखों रुपये की एफडी और आरडी करवाई थी। अब जब इन योजनाओं की समय-सीमा पूरी हो चुकी है और भुगतान का वक्त आया है, तो संस्थान ने पैसे लौटाने से साफ हाथ खड़े कर दिए हैं।
मजदूर और मध्यम वर्ग बना आसान शिकार, एजेंटों ने फेरा मुंह
इस धोखाधड़ी का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि ठगे जाने वाले लोगों में बड़ी संख्या दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी चालकों और छोटे दुकानदारों की है। पीड़ितों का कहना है कि कंपनी के लुभावने विज्ञापनों और एजेंटों के ऊंचे ब्याज के दावों में आकर उन्होंने अपनी खून-पसीने की कमाई इसमें झोंक दी थी।
अब हालत यह है कि पीड़ित पिछले कई हफ्तों से बैंक के दफ्तर और बिचौलियों की चौखट छान रहे हैं, लेकिन उन्हें तारीख पर तारीख दी जा रही है। हद तो तब हो गई जब पिछले कुछ दिनों से इस स्कीम को बेचने वाले मुख्य एजेंटों ने पीड़ितों के फोन कॉल्स तक रिसीव करना बंद कर दिया है।
एसपी दफ्तर पहुंचे पीड़ित; घर में शादी, पर जेबें खाली
कंपनी की टालमटोल और टके सा जवाब मिलने से तंग आकर करीब 300 पीड़ित एकजुट होकर पानीपत के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे। एसपी दफ्तर के बाहर जमा हुए लोगों के चेहरों पर बेबसी और गुस्सा साफ देखा जा सकता था। पीड़ितों में शामिल कुछ महिलाओं ने रोते हुए बताया कि उनके घरों में अगले कुछ महीनों में बच्चों की शादियां तय हैं।
उन्होंने इसी उम्मीद में अपनी जमा-पूंजी बैंक में रखी थी कि वक्त पर पैसा काम आएगा, लेकिन आज वे दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं। दूसरी तरफ, कंपनी प्रबंधन का केवल एक ही रटा-रटाया जवाब आ रहा है कि “सभी का पैसा थोड़ा-थोड़ा करके लौटाया जाएगा”, लेकिन यह ‘थोड़ा-थोड़ा’ कब और कैसे मिलेगा, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और रकम वापसी की मांग
ठगी का शिकार हुए परिवारों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से गुहार लगाई है कि इस कथित बैंक की संपत्तियों और बैंक खातों की तुरंत निष्पक्ष जांच की जाए।
पीड़ितों की मांग है कि धोखाधड़ी करने वाले मुख्य संचालकों और उनके एजेंटों के खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाए और उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई को जल्द से जल्द वापस दिलवाया जाए। इस पूरे मामले पर अब पानीपत पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
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