Narnaul Gangwar Case: विक्की डोहर पर हमले का मुख्य आरोपी बब्बू खायरा गिरफ्तार, पुलिस हिरासत से भागते समय टूटा पैर
नारनौल के जेठू बाबा मंदिर हमले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Narnaul Gangwar Case: हरियाणा के महेंद्रगढ़ और नारनौल इलाके में जरायम की दुनिया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। करीब छह महीने पहले नसीबपुर के जेठू बाबा मंदिर के पास हुए चर्चित विक्की डोहर जानलेवा हमले के मुख्य सूत्रधार बब्बू खायरा को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। 5,000 रुपये के इस इनामी बदमाश की गिरफ्तारी सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने काठुवास टोल प्लाजा के पास से की है।
हालांकि, गिरफ्तारी के अगले ही दिन तफ्तीश के दौरान एक नया ड्रामा देखने को मिला। पुलिस जब आरोपी को हथियार बरामदगी के लिए राजस्थान के सरिस्का क्षेत्र की पहाड़ियों में लेकर गई, तो उसने पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भागने का दुस्साहस किया। इस आपाधापी में पथरीले रास्ते पर पैर फिसलने से आरोपी का पैर टूट गया और पुलिस ने उसे दोबारा दबोचकर अस्पताल पहुंचाया।
वर्चस्व की जंग में नसीबपुर में खेला गया था खूनी खेल
इस पूरे मामले की पटकथा पिछले साल 21 दिसंबर 2025 की शाम को लिखी गई थी। तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर सुरेंद्र उर्फ चीकू के करीबी विक्रांत उर्फ विक्की डोहर पर नसीबपुर में जेठू बाबा मंदिर के पास दूसरे गुट ने सुनियोजित तरीके से धावा बोल दिया था। लाठी, डंडों, लोहे की रॉड और अवैध हथियारों से लैस बदमाशों ने विक्की को अधमरा कर दिया था, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जयपुर रेफर करना पड़ा था।
मामले में डोहर कलां निवासी शिकायतकर्ता नरेंद्र की तहरीर पर थाना शहर नारनौल में जानलेवा हमले, सामूहिक हिंसा और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस इस हाई-प्रोफाइल केस में पहले ही 13 आरोपियों को जेल भेज चुकी थी, लेकिन बब्बू खायरा लगातार फरार चल रहा था।
सरिस्का की पहाड़ियों में पुलिस को धक्का देकर भागा, बरामद हुई पिस्टल
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 15 जुलाई को आरोपी बब्बू को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान जब उसे वारदात में इस्तेमाल हथियारों को रिकवर करने के लिए सरिस्का के जंगलों में ले जाया गया, तो उसने सुरक्षा घेरे को तोड़कर भागने की कोशिश की।
बब्बू खायरा पर पहले से ही करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिससे उसकी हनक इलाके में बनी हुई थी। हालांकि, इस बार उसकी किस्मत ने साथ नहीं दिया और पत्थरों पर गिरकर वह लाचार हो गया। पुलिस ने अस्पताल में उसका इलाज कराने के साथ ही उसकी निशानदेही पर एक अवैध पिस्टल और हमले में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद कर कोर्ट में आगामी रिपोर्ट पेश कर दी है।
जानिए कौन है पर्दे के पीछे का खिलाड़ी सुरेंद्र उर्फ चीकू
इस पूरी गैंगवार के केंद्र में नाम आता है कुख्यात गैंगस्टर सुरेंद्र उर्फ चीकू का। अपराध की दुनिया में करीब 15 साल पहले कदम रखने वाले चीकू के खिलाफ महेंद्रगढ़, नारनौल, गुरुग्राम, रेवाड़ी और राजस्थान के कई जिलों में हत्या, डकैती और एनडीपीएस एक्ट के 22 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।
चीकू को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मुख्य फाइनेंसर माना जाता है। टेरर फंडिंग के संगीन आरोपों के बाद फरवरी 2023 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसके ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। इसके बाद से ही वह एनआईए की कस्टडी में तिहाड़ जेल में बंद है, और उसकी गैरमौजूदगी में अब बाहर के गुर्गे इलाके में अपना सिक्का जमाने के लिए आपस में ही खून बहा रहे हैं।
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