July 18, 2026

Kurukshetra Ayurvedic College: कुरुक्षेत्र में भावी डॉक्टरों का तांडव, मरीज भाई-बहन और 3 गार्ड्स को लाठी-डंडों से पीटा

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Kurukshetra Ayurvedic College: कुरुक्षेत्र में भावी डॉक्टरों का तांडव, मरीज भाई-बहन और 3 गार्ड्स को लाठी-डंडों से पीटा

कुरुक्षेत्र आयुर्वेदिक कॉलेज विवाद: गुंडागर्दी के विरोध में डॉक्टरों की हड़ताल, इमरजेंसी को छोड़ सारा काम बंद

Kurukshetra Ayurvedic College: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में स्वास्थ्य के मंदिर कहे जाने वाले एक आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल परिसर से गुंडागर्दी का एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे भावी डॉक्टरों ने न सिर्फ इलाज कराने आए एक भाई-बहन को लहूलुहान कर दिया, बल्कि बीच-बचाव करने आए अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों पर भी ताबड़तोड़ लात-घूंसे बरसाए।

इस हिंसक वारदात से गुस्साए डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों ने सुरक्षा को लेकर मोर्चा खोल दिया है और ओपीडी सहित तमाम रूटीन कामकाज बंद कर धरने पर बैठ गए हैं। हालांकि, मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाओं को फिलहाल जारी रखा गया है।

मामूली टक्कर के बाद ‘सॉरी’ बोला, फिर दो दर्जन छात्रों ने बुला लिया काल

पीड़ित भाई-बहन परवीन और अनीता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वे दोनों अस्पताल में सामान्य रूप से दवाई लेने के लिए आ रहे थे। इसी दौरान कॉलेज की दो छात्राओं की गाड़ी ने उनकी कार को पीछे से टक्कर मार दी। मौके पर दोनों छात्राओं ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए ‘सॉरी’ कह दिया था, जिसके बाद मामला शांत हो गया था और दोनों पक्ष आगे बढ़ गए थे। लेकिन विवाद ने उस वक्त खूनी मोड़ ले लिया जब कुछ ही देर बाद कॉलेज के करीब दो दर्जन छात्र हाथों में लाठी-डंडे लेकर वहां धमक पड़े। इन छात्रों ने बिना कुछ सुने और समझे परवीन और अनीता पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस दौरान अनीता के गले से सोने की चेन भी तोड़ ली गई।

बीच-बचाव करने आए तीन गार्ड्स को भी लहूलुहान कर भागे छात्र

अस्पताल परिसर के भीतर सरेआम हो रही इस गुंडागर्दी को देखकर वहां तैनात तीन सिक्योरिटी गार्ड मरीजों की जान बचाने के लिए बीच में कूदे। लेकिन उपद्रव पर आमादा छात्रों ने मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए उन सुरक्षाकर्मियों को भी नहीं बख्शा। छात्रों ने तीनों गार्ड्स को घेरकर बुरी तरह पीटा और मौके से भाग निकले। रोते हुए पीड़ित परिवार ने बताया कि वे अक्सर इस अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं, लेकिन इस खौफनाक अनुभव के बाद वे बुरी तरह डरे हुए हैं। उन्होंने स्थानीय पुलिस प्रशासन से मांग की है कि गुंडागर्दी करने वाले इन तथाकथित मेडिकल छात्रों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

‘ये डॉक्टर बनने नहीं, हुड़दंग मचाने आए हैं’ – स्टाफ ने बंद किया काम

इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। अस्पताल के कर्मचारी मोहित ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि मरीजों और डॉक्टरों की सुरक्षा में लगे गार्ड्स पर हाथ उठाना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, “ये लोग यहां डॉक्टर बनने के लिए नहीं, बल्कि हुड़दंग मचाने और गुंडागर्दी करने आए हैं। हमारी साफ मांग है कि इस पूरी मारपीट में शामिल सभी आरोपी छात्रों को तुरंत प्रभाव से कॉलेज से सस्पेंड किया जाए।”

मरीजों की बढ़ी मुश्किलें, समझाने में जुटा कॉलेज प्रबंधन

कर्मचारियों के इस औचक प्रदर्शन और ओपीडी बंद होने के कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। दूर-दराज के गांवों और जिलों से इलाज की उम्मीद लेकर आए सैकड़ों मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और प्रदर्शनकारी स्टाफ को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, कर्मचारी और पीड़ित परिवार अब आरोपियों की गिरफ्तारी और कॉलेज से निलंबन की लिखित मांग पर अड़े हुए हैं।

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