Auto Driver Viral: गुरुग्राम में ₹25,000 की नौकरी छोड़ चलाने लगा ऑटो, अब हर महीने कर रहा ₹45,000
खुद नहीं पढ़ पाए तो क्या, ऑटो चलाकर बच्चों को पढ़ा रहा है यह शख्स; कमाई सुन हैरान रह गए लोग
Auto Driver Viral: सपनों के शहर गुरुग्राम की सड़कों पर दौड़ती भागती जिंदगी के बीच से अक्सर ऐसी कहानियां निकल कर आती हैं, जो बड़े-बड़े दिग्गजों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। इन दिनों इंटरनेट पर एक ऐसे ही ऑटो रिक्शा चालक का वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जिसने बंधकर नौकरी करने के बजाय सड़कों पर खुद का हुनर आजमाया और आज वह कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के शुरुआती कर्मचारियों से ज्यादा बचत कर रहा है।
शाम के वक्त दफ्तर से घर लौट रहे एक यात्री के साथ हुई इस चालक की बातचीत ने भारत के बदलते वर्क कल्चर और ‘गिग इकोनॉमी’ की एक नई और बेहद दिलचस्प तस्वीर पेश की है।
जब ₹25,000 की सैलरी छोड़ बने खुद के बॉस
यह पूरा वाकया इंस्टाग्राम पर @kaashseakash नाम के हैंडल से आकाश गुप्ता नामक यूजर ने साझा किया है। आकाश ने बताया कि रोजाना की तरह वे कैब या टैक्सी करने के बजाय एक स्थानीय ऑटो में सवार हुए। सफर के दौरान जब उन्होंने चालक से उसकी आमदनी को लेकर सामान्य बातचीत शुरू की, तो जो आंकड़े सामने आए उसने उन्हें हैरान कर दिया।
ऑटो चालक ने बताया कि वह पहले गुरुग्राम की ही एक प्राइवेट फर्म में बतौर सुपरवाइजर तैनात था, जहां दिन-रात की माथापच्ची के बाद महीने के आखिर में सिर्फ ₹25,000 हाथ आते थे। इस बंधी-बंधाई तनख्वाह से जब गुजारा मुश्किल हुआ, तो उसने नौकरी को अलविदा कह दिया और ऑटो की कमान संभाल ली।
दिन में केवल 8 घंटे काम और दोपहर में आराम का शेड्यूल
वीडियो में इस मेहनती पिता ने अपनी अनूठी और अनुशासित दिनचर्या का भी जिक्र किया। उसने बताया कि वह किसी दबाव में काम नहीं करता, बल्कि उसने अपने वर्किंग आवर्स खुद तय किए हैं। वह सुबह के वक्त ऑटो लेकर निकलता है और दोपहर होते ही खाना खाने, नहाने और करीब एक घंटा आराम करने के लिए घर लौट आता है।
इसके बाद शाम करीब 4 बजे वह दोबारा सड़कों पर उतरता है और रात 9 बजे तक गाड़ी चलाता है। इस तरह रोजाना महज 8 से 9 घंटे की शिफ्ट में वह आराम से ₹1,500 से ₹2,000 कमा लेता है। महीने की ग्रॉस इनकम ₹50,000 से ₹60,000 तक पहुंचती है, जिसमें से मेंटेनेंस और गैस का खर्च काटकर वह ₹45,000 की शुद्ध बचत कर लेता है।
खुद रहे अनपढ़, लेकिन बच्चों को बनाएंगे अफसर
इस पूरी जद्दोजहद के पीछे छिपे एक पिता के अटूट समर्पण ने सोशल मीडिया यूजर्स को सबसे ज्यादा भावुक किया है। चालक ने बेहद गर्व के साथ बताया कि भले ही गरीबी और हालातों के चलते उसे खुद अच्छी शिक्षा हासिल करने का मौका नहीं मिल सका, लेकिन वह अपनी औलाद के साथ ऐसा नहीं होने देगा। उसके तीन बच्चे हैं जो इस वक्त गांव में रहकर बेहतरीन स्कूलों में तालीम हासिल कर रहे हैं। वह हर महीने अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा बच्चों की फीस और उनकी सहूलियतों के लिए भेजता है ताकि उनका कल उज्ज्वल हो सके।
इस प्रेरक वीडियो के वायरल होते ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा, ‘भाई, इसकी जिंदगी तो मेरी कॉरपोरेट जॉब से कहीं ज्यादा बेहतर और सुकून भरी है।’ वहीं, कई अन्य लोग इस ऑटो ड्राइवर को एक असल ‘बिजनेसमैन’ करार दे रहे हैं जो बिना किसी बॉस के दबाव के सम्मान और स्वाभिमान की जिंदगी जी रहा है।
