Rohtak News: रोहतक डीसी सख्त, ‘राजस्व मामलों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं’, इंतकाल और तकसीम के लिए चलेगा विशेष अभियान
जमीन के पुराने मुकदमों पर डीसी सचिन गुप्ता का बड़ा फैसला, अधिकारियों को दिए समय पर निपटारे के निर्देश
Rohtak News: रोहतक जिले के प्रशासनिक तंत्र को और अधिक जनहितैषी बनाने के लिए उपायुक्त (डीसी) सचिन गुप्ता ने शनिवार को कमर कस ली। कैंप कार्यालय में आयोजित राजस्व विभाग की एक मैराथन समीक्षा बैठक के दौरान डीसी ने स्पष्ट किया कि फाइलों को दबाकर बैठने का ढर्रा अब नहीं चलेगा।
उन्होंने दो टूक कहा कि राजस्व विभाग का सीधा वास्ता आम नागरिक की रोजमर्रा की जिंदगी और उसकी गाढ़ी कमाई की जमीन से होता है। ऐसे में इंतकाल (Mutation), जमाबंदी, तकसीम (बंटवारा) और गिरदावरी जैसे बुनियादी कामों में होने वाली देरी सीधे तौर पर जनता की परेशानी बढ़ाती है। डीसी ने कड़े लहजे में निर्देश दिए कि विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी ‘टीम भावना’ के साथ काम करें और पेंडिंग पड़े मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर करें।
अदालतों में लंबित अपीलों पर बरती जाएगी सख्ती, तय समय में देना होगा फैसला
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न राजस्व न्यायालयों में चल रहे मुकदमों की स्थिति का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने धारा 47-ए, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम और जमीन के बंटवारे से जुड़े पुराने मामलों पर विशेष रूप से चिंता जताई।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोर्ट के मामलों में बिना वजह तारीख पर तारीख देने की प्रवृत्ति से बचा जाए और एक निश्चित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण फैसला सुनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लेटलतीफी के कारण किसी भी बुजुर्ग या किसान को न्याय के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए नियमित तौर पर खुद अधिकारी अपने कामकाज का ऑडिट करें।
डिजिटल युग की ओर बढ़ता राजस्व रिकॉर्ड: एग्री स्टैक और पेपरलेस रजिस्ट्री पर फोकस
सरकारी सेवाओं को हाईटेक बनाने की दिशा में चल रहे प्रोजेक्ट्स की भी बिंदुवार समीक्षा की गई। डीसी सचिन गुप्ता ने आधुनिक राजस्व रिकॉर्ड रूम, मौसावी (जमीन का नक्शा), जीआईएस (GIS) अद्यतन और हरियाणा लार्ज स्केल मैपिंग प्रोग्राम की रफ्तार परखी। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं का विस्तार किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है।
इसके लिए ‘फार्मर रजिस्ट्री’ और ‘एग्री स्टैक’ के तहत ज्यादा से ज्यादा किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित कर उनके लंबित डेटा का तुरंत भौतिक सत्यापन किया जाए। साथ ही, पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली को और अधिक सुगम बनाने के निर्देश दिए गए।
सरकारी जमीन से हटेगा अवैध कब्जा, मॉनसून के लिए पुख्ता तैयारी के निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं, मुआवजा वितरण की स्थिति, सरकारी व कस्टोडियन भूमि के संरक्षण पर भी विस्तृत चर्चा हुई। डीसी ने सख्त लहजे में कहा कि सरकारी जमीनों पर जहां भी अवैध कब्जे या अतिक्रमण की शिकायतें हैं, वहां कानूनी प्रक्रिया के तहत तुरंत बुलडोजर चलाया जाए और प्रभावी कार्रवाई की जाए।
इसके अतिरिक्त, मॉनसून सीजन को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सिंचाई विभाग के साथ मिलकर जलभराव से निपटने की तैयारियों को अंतिम रूप देने को कहा, ताकि ड्रेनेज सिस्टम और पंप सेटों में कोई तकनीकी खराबी न रहे।
इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में सांपला की उपमंडलाधीश (SDM) अंकिता पुवार, रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, महम के एसडीएम विपिन कुमार, जिला राजस्व अधिकारी (DRO) मनबीर सिंह सहित तहसीलदार यशपाल शर्मा, गुलाब सिंह, दिनेश कुमार, रवि कुमार और नायब तहसीलदार राहुल बूरा, रघुबीर सिंह व बिजेंद्र सिंह समेत राजस्व विभाग के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
