July 2, 2026

Ambedkar Gallery Kurukshetra: कुरुक्षेत्र की अंबेडकर गैलरी बनी आकर्षण का केंद्र, बाबा साहेब की दुर्लभ तस्वीरें देखने उमड़ रहे लोग

0
Ambedkar Gallery Kurukshetra: कुरुक्षेत्र की अंबेडकर गैलरी बनी आकर्षण का केंद्र, बाबा साहेब की दुर्लभ तस्वीरें देखने उमड़ रहे लोग

नागपुर के बाद अब कुरुक्षेत्र में दिख रही बाबा साहेब की जीवनी

Ambedkar Gallery Kurukshetra: कुरुक्षेत्र को आमतौर पर महाभारत और गीता की स्थली के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब यहां का सेक्टर-8 स्थित अंबेडकर भवन एक नए सामाजिक और ऐतिहासिक तीर्थ के रूप में उभर रहा है।

इसके बेसमेंट में तैयार की गई ‘अंबेडकर गैलरी’ को देखने के लिए रोजाना स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश और दुनिया के कोने-कोने से शोधार्थी और पर्यटक पहुंच रहे हैं। आधुनिक दौर के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए यह जगह किसी किताबों से इतर एक जीवंत पाठशाला जैसी बन गई है, जहां भारत के सबसे बड़े संविधान निर्माता की पूरी जीवन यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से महसूस किया जा सकता है।

एक छोटे से विचार ने कैसे लिया भव्य गैलरी का रूप

अंबेडकर भवन के प्रधान और इस गैलरी को धरातल पर उतारने वाले मुख्य सूत्रधार डॉ. राम भगत लांग्यान ने इसके पीछे की एक दिलचस्प कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले वे कुरुक्षेत्र में ही पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारीलाल नंदा के स्मारक स्थल पर आयोजित एक कार्यक्रम में गए थे। वहां उन्होंने नंदा जी के जीवन पर आधारित एक छोटी सी दीर्घा (गैलरी) देखी।

उसी पल डॉ. लांग्यान के मन में यह बात बैठ गई कि जब देश के एक नेता की इतनी सुंदर गैलरी हो सकती है, तो करोड़ों लोगों के मसीहा और संविधान शिल्पी बाबा साहेब के जीवन को भी इस रूप में सहेजा जाना चाहिए। बस, इसी संकल्प के साथ उन्होंने अंबेडकर भवन के बेसमेंट में इस भव्य गैलरी का निर्माण करवा डाला।

डॉ. राम भगत लांग्यान ने बताया इसकी खासियत:

“नागपुर के प्रसिद्ध अंबेडकर संग्रहालय के बाद कुरुक्षेत्र की यह गैलरी अपने आप में बेहद अनूठी है। यहां हमने सिर्फ तस्वीरें नहीं लगाई हैं, बल्कि बाबा साहेब द्वारा लिखी गई मूल किताबें, संविधान निर्माण के समय के आधिकारिक दस्तावेज और उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक आंदोलनों के क्रोनोलॉजिकल चित्र लगाए हैं, जो दर्शकों को सीधा उस कालखंड में ले जाते हैं।”

शिक्षा से लेकर दादर के निवास तक की झलकियां

गैलरी की सबसे बड़ी खासियत यहां मौजूद वे दुर्लभ चित्र हैं जो आम तौर पर इंटरनेट या किताबों में आसानी से नहीं मिलते। इनमें बाबा साहेब की विदेश में पढ़ाई के दौरान के दिन, उस दौर के वैश्विक नेताओं और भारत के महत्वपूर्ण राजनेताओं के साथ उनकी मुलाकातों के पल शामिल हैं।

इन तस्वीरों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो वे आपस में कोई गंभीर संवाद कर रहे हों। इसके साथ ही, मुंबई के दादर में स्थित बाबा साहेब के उस प्रसिद्ध तीन मंजिला मकान की तस्वीर भी लोगों के बीच गहरी जिज्ञासा पैदा करती है, जहां उन्होंने अपनी अनमोल किताबों का संग्रह रखा था। कुल मिलाकर, यह गैलरी बाबा साहेब के ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ के नारे को पूरी तरह चरितार्थ करती नजर आती है।

यह भी पढ़ें– Karnal News: मालिक के परिवार पर आया काल तो ढाल बन गई ‘जिम्मी’, ब्लैक कोबरा से भिड़कर दी जान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *