Yamunanagar Fire Brigade Protest: 13 मई के समझौते पर मुकरी सरकार, यमुनानगर में दमकल कर्मचारियों का तीखा प्रदर्शन
यमुनानगर में दमकल कर्मचारियों का तीखा प्रदर्शन
Yamunanagar Fire Brigade Protest (संजीव चौहान) हरियाणा सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों और वादाखिलाफी के खिलाफ सूबे के दमकलकर्मियों (फायर फाइटर्स) का धैर्य अब जवाब देने लगा है। नगरपालिका कर्मचारी संघ और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के बीच बीते 13 मई को हुए समझौते को ठंडे बस्ते में डाले जाने से नाराज कर्मचारियों ने बुधवार को यमुनानगर के मुख्य दमकल केंद्र पर इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने एक जबरदस्त गेट मीटिंग कर न केवल अपनी आवाज बुलंद की, बल्कि दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि अब वे खोखले आश्वासनों से बहलने वाले नहीं हैं।
‘आंदोलन टालने के लिए समझौते करती है सरकार, नीयत में खोट’
गेट मीटिंग की अध्यक्षता जिला प्रधान विजेंद्र सिंह ने की, जबकि मंच संचालन जिला सचिव रिंकू कुमार ने संभाला। इस विरोध प्रदर्शन में विशेष रूप से पहुंचे यूनियन के राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कर्मचारियों में जोश भरते हुए सीधे सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। भारद्वाज ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार आंदोलन और गतिरोध को टालने के लिए मेज पर बैठकर कर्मचारियों के साथ समझौते तो कर लेती है, लेकिन जैसे ही आंदोलन टलता है, वह अपने वादों से मुकर जाती है।” उन्होंने कहा कि डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी मानी गई मांगों के आधिकारिक पत्र और परिपत्र (सर्कुलर) जारी न होना यह साबित करता है कि सरकार की नीयत साफ नहीं है।
22 जुलाई को जिला रैली और अगस्त में थमेंगे दमकल गाड़ियों के पहिए
यूनियन नेताओं ने सरकार को सचेत करते हुए अपने आगामी तीखे तेवरों की रूपरेखा भी साफ कर दी। उन्होंने एलान किया कि यदि सरकार ने इस ढुलमुल रवैये को तुरंत नहीं बदला और समझौते को जमीनी धरातल पर लागू नहीं किया, तो 22 जुलाई को होने वाली नगरपालिका कर्मचारी संघ की जिला स्तरीय रैली में यमुनानगर के सभी दमकलकर्मी सामूहिक रूप से अपनी ताकत दिखाएंगे।
बात यहीं नहीं रुकेगी, नेताओं ने अंतिम अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 5 अगस्त तक भी उनके हक में अधिसूचना जारी नहीं हुई, तो 6, 7 और 8 अगस्त को होने वाली तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल में जिले का एक-एक कर्मचारी पूरी शिद्दत के साथ भाग लेगा।
“कर्मचारी डरकर घर बैठने वाले नहीं, आर-पार की होगी लड़ाई”
फायर ब्रिगेड संगठन के पदाधिकारियों ने साफ किया कि सरकार इस मुगालते में न रहे कि दमकलकर्मी किसी दबाव या डर की वजह से चुप बैठ जाएंगे। अपने हकों की इस लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाने के लिए वे जेल जाने और आंदोलन को और उग्र करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर ललित कुमार, तेजिन्दर सिंह, जगविंदर, हरमिंदर सिंह, विक्की वालिया, विक्रम सिंह, अभिषेक सहित लीडिंग फायरमैन दविंदर सिंह, साधू सिंह, राजीव कुमार और चन्द्रशेखर जैसे कई वरिष्ठ कर्मचारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सरकार को आगाह किया कि यदि भविष्य में कोई आपात स्थिति पैदा होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ हरियाणा सरकार की होगी।
यह भी पढ़ें–जानिए क्यों 15 दिनों तक भक्तों को दर्शन नहीं देंगे भगवान
