Boy Murder Case: फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद का शिव दुर्गा विहार इलाका रविवार की सुबह उस वक्त दहल उठा, जब एक मकान से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं। एच-ब्लॉक स्थित एक मकान के बंद कमरे में 3 साल के मासूम बच्चे आदित्य की किसी ने बेरहमी से गला काटकर हत्या कर दी। कातिल ने वारदात को इतनी खामोशी और शातिराना अंदाज में अंजाम दिया कि दूसरे कमरे में मौजूद बच्चे की मौसी को भनक तक नहीं लगी। सूचना मिलते ही सूरजकुंड थाना पुलिस, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
जांच में जो शुरुआती जानकारियां छनकर आ रही हैं, वे किसी गहरे पारिवारिक विवाद की ओर इशारा कर रही हैं। पुलिस ने बच्चे के माता-पिता के बयानों में विरोधाभास पाए जाने के बाद दोनों को हिरासत में ले लिया है।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े मकान मालिक, बेड पर पड़ा था लथपथ शव
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रहने वाली सुधा तिवारी कुछ समय पहले ही शिव दुर्गा विहार में सौरभ नामक व्यक्ति के मकान में किराए पर रहने आई थी। सुधा यहां अपनी मां, तीन वर्षीय बेटे आदित्य और अपने दूसरे पति शिवम के साथ रह रही थी। मकान मालिक सौरभ ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे अचानक किराएदार के पोर्शन से रोने-धोने की आवाजें आने लगीं।
जब वे दौड़कर कमरे के भीतर दाखिल हुए, तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। बेड पर नन्हे आदित्य का शव पड़ा हुआ था और उसके गले से मूसलाधार खून बहकर गद्दे को लाल कर चुका था। गले पर किसी बेहद धारदार या नुकीले हथियार से वार किया गया था। इसके बाद तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को फोन घुमाया गया।
पहले पति को छोड़ चुकी है मां, बेरोजगारी भी बनी वजह?
इस हत्याकांड की गुत्थी जितनी सीधी दिख रही है, उतनी है नहीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृत बच्चा सुधा के पहले पति से था, जिसे छोड़ वह शिवम नाम के युवक के साथ यहां रह रही थी। शिवम फिलहाल बेरोजगार था और दिनभर घर पर ही रहता था। ऐसे में पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं सौतेले पिता ने ही तो इस मासूम को रास्ते से हटाने के लिए खौफनाक कदम नहीं उठाया? या फिर इस वारदात के पीछे कोई बाहरी रंजिश है?
“हमें सूचना मिलते ही पुलिस बल को मौके पर रवाना किया गया था। मासूम बच्चे के गले पर गहरे जख्म के निशान हैं। रविवार होने के कारण पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, जो सोमवार को कराई जाएगी। माता-पिता की भूमिका संदिग्ध लग रही है, इसलिए उन्हें राउंडअप करके पूछताछ की जा रही है।”
— प्रहलाद, थाना प्रभारी, सूरजकुंड
पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि वारदात के वक्त अगर मौसी घर में ही थी, तो उसे जरा भी आहट क्यों नहीं हुई। क्या बच्चे को मारने से पहले कोई नशीली चीज दी गई थी? इन तमाम सुलगते सवालों के जवाब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही साफ हो पाएंगे। फिलहाल, इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है और हर कोई मासूम के हत्यारे को फांसी की सजा देने की मांग कर रहा है।

