Business News: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को जोरदार वापसी दर्ज की। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, बैंकिंग और आईटी शेयरों में खरीदारी तथा विदेशी निवेशकों की सक्रियता के चलते दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 790.54 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 197.55 अंक या 0.83 प्रतिशत बढ़कर 24,021.65 अंक पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 989.69 अंक तक चढ़ गया था। पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के बाद निवेशकों की वापसी ने बाजार की धारणा को मजबूती दी।
बैंकिंग और आईटी शेयरों ने संभाली बाजार की कमान
बुधवार के कारोबार में बैंकिंग, वित्तीय और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इन सेक्टरों की तेजी ने पूरे बाजार को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सेंसेक्स में शामिल प्रमुख लाभ वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज शामिल रहे। इन कंपनियों में निवेशकों की बढ़ती रुचि ने बाजार को सकारात्मक दिशा दी।
कुछ बड़े शेयरों में रही कमजोरी
हालांकि बाजार में व्यापक तेजी के बावजूद कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। एनटीपीसी, टाटा स्टील, मारुति और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। विश्लेषकों का मानना है कि सेक्टर आधारित खरीदारी के कारण कुछ शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके बावजूद बाजार की समग्र दिशा सकारात्मक बनी रही और प्रमुख सूचकांक बढ़त दर्ज करने में सफल रहे।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला समर्थन
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत साबित हुई। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.69 प्रतिशत गिरकर 75.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आर्थिक दृष्टि से राहतकारी मानी जाती है। इससे महंगाई संबंधी चिंताओं में कमी आती है और निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बढ़ा भरोसा
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 17.86 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। विदेशी निवेशकों की खरीदारी को बाजार में सकारात्मक संकेत माना गया। इसके अलावा भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर भी निवेशकों में उत्साह दिखाई दिया। अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि दोनों देश एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं।
वैश्विक संकेतों और विशेषज्ञों की राय
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी ‘एनरिच मनी’ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर के अनुसार बैंकिंग शेयरों में मजबूती और आईटी सेक्टर में सुधार ने भारतीय बाजार की वापसी में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बढ़ा है। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं जापान का निक्की नुकसान में रहा। यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जबकि अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे।
यह भी पढ़ें; Business News, मेटा ने किया अरबों का निवेश

