July 2, 2026

Chandigarh: स्वच्छ चंडीगढ़ की दिशा में बड़ा कदम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 पर हुआ मंथन

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Chandigarh: स्वच्छ चंडीगढ़ की दिशा में बड़ा कदम, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 पर हुआ मंथन

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के प्रति जागरूकता एवं क्रियान्वयन विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला

Chandigarh: ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (सीपीसीसी), नगर निगम चंडीगढ़ और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को मह‍िला भवन, सेक्टर-38 में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के प्रति जागरूकता एवं क्रियान्वयन विषय पर क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों, शहरी निकायों के प्रतिनिधियों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया तथा नए नियमों के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 को सफल बनाने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ-साथ आम जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कचरे का स्रोत स्तर पर सेग्रिगेशन ही बेहतर कचरा प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, जिससे कचरे का सही संग्रहण, प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण संभव हो सकेगा। मेयर ने नागरिकों, संस्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों से अपील की कि वे जिम्मेदार कचरा प्रबंधन की आदतों को अपनाएं और चंडीगढ़ को स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि नए नियम वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, संसाधनों के पुन: उपयोग, रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने और लैंडफिल पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि चंडीगढ़ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र में लगातार नई पहल कर रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ), निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडसी) कचरा प्रसंस्करण, विकेंद्रीकृत कचरा प्रबंधन प्रणाली और जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ ने ठोस कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में कई सफल मॉडल विकसित किए हैं, जिन्हें अन्य शहरों के लिए भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने सभी विभागों और नागरिकों से मिलकर काम करने का आह्वान किया ताकि कचरे को बोझ नहीं बल्कि उपयोगी संसाधन में बदला जा सके। इससे पहले चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव सौरभ कुमार ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शहरी स्थानीय निकायों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों, सरकारी एजेंसियों और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। इस अवसर पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 पर आधारित जागरूकता पुस्तिका का विमोचन भी किया गया, जिसमें नए नियमों के प्रावधानों और विभिन्न हितधारकों की जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई।

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