Haryana News: चंडीगढ़ के नामी स्कूलों और हरियाणा CM दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी, रेडिफमेल से आया संदेश
चंडीगढ़ के स्कूलों और सीएम नायब सैनी के ऑफिस को मिली दहलाने की धमकी
Haryana News: चंडीगढ़ के स्कूली बच्चों के लिए आज का दिन बेहद सामान्य तरीके से शुरू हुआ था। करीब एक महीने की गर्मियों की छुट्टियों के बाद आज ही के दिन दोबारा स्कूल खुले थे, लेकिन सुबह होते-होते पूरी प्रशासनिक मशीनरी और अभिभावकों के बीच हड़कंप मच गया।
एक के बाद एक शहर के शीर्ष स्कूलों और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आधिकारिक दफ्तर को बम से उड़ाने का धमकी भरा ई-मेल मिला। पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई और प्रभावित इलाकों में खोजी कुत्तों व बम निरोधक दस्ते के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
रेडिफमेल से आई धमकी, ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ का नाम
आमतौर पर ऐसी धमकियों के लिए जीमेल या डार्क वेब की किसी सुरक्षित मेल सर्विस का इस्तेमाल होता है, लेकिन इस बार भेजने वाले ने ‘रेडिफमेल’ का सहारा लिया है। ई-मेल भेजने वाले ने खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ से जुड़ा बताया है। मेल की भाषा बेहद भड़काऊ है, जिसमें साफ लिखा है कि “चंडीगढ़ खालिस्तान बनेगा”।
धमकी में माता-पिता को आगाह किया गया है कि वे अपने बच्चों को 15 अगस्त की परेड में न भेजें, क्योंकि यह सिखों की आजादी का दिन नहीं है। इसके साथ ही हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों (ठोकना) का इस्तेमाल किया गया है।
मेल में लिखा गया धमकी भरा मजमून:
“कोई भी बच्चा 15 अगस्त को परेड में न जाए, जिस दिन चंडीगढ़-हरियाणा बोलेगा खालिस्तान… अंबाला से दिल्ली के बीच ट्रेन का सफर न करें, क्योंकि रेल ट्रैक हमारे निशाने पर हैं। यह जंग हिंदी और पंजाब की है।”
गृहमंत्री और विदेश मंत्री भी निशाने पर, 2026 में 5वीं बड़ी धमकी
इस आतंकी मेल में सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि देश के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भी नाम शामिल है। यह धमकी केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि अंबाला-दिल्ली रेल रूट को भी उड़ाने की बात कही गई है। हैरानी की बात यह है कि साल 2026 में चंडीगढ़ को दहलाने की यह कोई पहली कोशिश नहीं है। इससे पहले भी इस साल जनवरी, फरवरी, अप्रैल और मई के महीनों में लगातार इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल भेजे जा चुके हैं, जिसके कारण हर बार पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखना पड़ता है।
पुलिस के दावों पर उठे गंभीर सवाल
इस ताजा ई-मेल ने चंडीगढ़ पुलिस की उस थ्योरी और कामयाबी पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, जिसका ढोल कुछ दिनों पहले पीटा गया था। पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पश्चिम बंगाल के सौरव बिस्वास नाम के एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर को गिरफ्तार किया है, जो डार्क वेब पर ई-मेल डेटा बेचता था और चंडीगढ़ के सचिवालय व अदालतों को फर्जी वीपीएन के जरिए धमकियां भेजता था।
पुलिस का दावा था कि सौरव सीमा पार बैठे लोगों को 24 हजार रुपये में यह डेटा बेचता था। लेकिन आज की इस नई धमकी ने साफ कर दिया है कि या तो असली मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है या फिर यह किसी नए गिरोह की सोची-समझी साजिश है।
