Marriage Fraud: कहते हैं कि शादियां सोच-समझकर और ठोक-बजाकर की जानी चाहिए, लेकिन जल्दबाजी और सामाजिक दबाव में लिया गया फैसला किस कदर जिंदगी को नरक बना सकता है, इसका एक जीता-जागता उदाहरण चीन के झेजियांग में देखने को मिला है। परिवार की तरफ से शादी के लगातार बढ़ते दबाव से तंग आकर ‘गु’ नाम के एक शख्स ने शार्टकट अपनाने की सोची, जो अंततः उसके जीवन का सबसे दुःस्वप्न बन गया।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, गु ने एक स्थानीय मैरिज ब्यूरो में करीब 2,700 रुपये (200 युआन) देकर अपना रजिस्ट्रेशन कराया था, जहां से इस पूरी अजीबोगरीब दास्तान की शुरुआत हुई।
ब्यूरो की मीठी बातें और ‘चट मंगनी पट ब्याह’ का खेल
मैरिज ब्यूरो ने गु की बात 30 साल की एक महिला से करवाई। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अजीब बात यह रही कि लड़का-लड़की कभी आमने-सामने मिले ही नहीं। दोनों के बीच सिर्फ 5 मिनट की एक वीडियो कॉल हुई, जिसमें भी लड़की से ज्यादा जवाब मैरिज ब्यूरो के एजेंट दे रहे थे। वीडियो कॉल पर लड़की ने दावा किया कि वह पूरी तरह स्वस्थ है और उस पर कोई कर्ज या देनदारी नहीं है। ब्यूरो के एजेंट्स ने भी इस बात की गारंटी ली। शादी के लिए बेताब गु के परिवार ने इस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लिया और आनन-फानन में शादी की तारीख तय हो गई।
पानी की तरह बहाया पैसा, पर तीसरे दिन ही पैरों तले खिसक गई जमीन
बेटे के सिर पर सेहरा सजाने की खुशी में गु के परिवार ने दिल खोलकर पैसा बहाया। ब्राइड प्राइस (दहेज का एक रूप) के नाम पर लड़की वालों को 10 लाख रुपये दिए गए, जबकि मैरिज ब्यूरो ने अपनी भारी-भरकम फीस और कमीशन के तौर पर लगभग 22 लाख रुपये वसूल लिए। कुल मिलाकर शादी में करीब 37 लाख रुपये (265,000 युआन) फूंक दिए गए।
लेकिन धूमधाम से हुई इस शादी की खुशियां महज 72 घंटे भी नहीं टिक सकीं। शादी के तीसरे दिन जब गु अपनी नई-नवेली पत्नी को लेकर बैंक पहुंचे, तो वहां कागजात देखकर उनके होश उड़ गए। पता चला कि पत्नी पर पहले से ही 14 लाख रुपये का भारी कर्ज है, जिसे उसने एक्स-बॉयफ्रेंड का कर्ज बताकर टालने की कोशिश की।
फर्जी नाम, गंभीर बीमारी और कोर्ट में मुआवजे की मांग!
धोखे की परतें यहीं नहीं रुकीं। गु ने जब पत्नी का मोबाइल पेमेंट ऐप चेक किया, तो उस पर दर्ज नाम उस नाम से बिल्कुल अलग था जो मैरिज ब्यूरो और लड़की ने शादी के वक्त बताया था। संदेह होने पर जब महिला का मेडिकल चेकअप कराया गया, तो सामने आया कि वह लीवर की एक गंभीर और पुरानी बीमारी से पीड़ित है, जिसे शादी से पहले छिपाया गया था। लगातार सामने आ रहे झूठ से तंग आकर गु ने शादी के नौवें दिन ही कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी।
अब यह मामला पूरी तरह से कानूनी पेचीदगियों में उलझ चुका है। खुद को फंसता देख आरोपी पत्नी ने उल्टा पति पर ही केस ठोक दिया है। उसका अजीबोगरीब तर्क है कि शादी के तुरंत बाद तलाक की बात सुनकर वह गहरे डिप्रेशन में चली गई है, इसलिए उसे मानसिक प्रताड़ना के एवज में 7 लाख रुपये का मुआवजा चाहिए। दूसरी तरफ, पीड़ित पति ने मैरिज ब्यूरो के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है, लेकिन ब्यूरो अपनी गलती मानने के बजाय इस पूरे विवाद को कपल का ‘घरेलू ड्रामा’ बताकर पल्ला झाड़ रहा है।

