China Train Viral: चीन की बुलेट ट्रेन के दावों की खुली पोल, भारतीय ट्रैवलर ने दिखाया वहां की ट्रेनों का असली नजाराChina Train Viral: चीन की बुलेट ट्रेन के दावों की खुली पोल, भारतीय ट्रैवलर ने दिखाया वहां की ट्रेनों का असली नजारा

China Train Viral: चीन अक्सर वैश्विक मंचों पर अपनी ३०० किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार वाली बुलेट ट्रेनों और आलीशान इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रदर्शन कर खुद को सबसे आगे दिखाता है। लेकिन एक भारतीय घुमक्कड़ (ट्रेवलर) के कैमरे ने चीन के इस चमकते हुए पर्दे के पीछे छिपी असली और आम तस्वीर को दुनिया के सामने ला दिया है।

इंटरनेट पर इन दिनों चीन की एक पारंपरिक ट्रेन का वीडियो तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, जिसने बीजिंग के उन दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं जिनमें वह अपनी रेल व्यवस्था को पूरी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बताता है।

भारतीय यूट्यूबर ने दिखाया चीन का ‘जनरल डिब्बा’

यह पूरा मामला तब सामने आया जब संजन कुमार नाम के एक भारतीय ट्रैवलर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल (@phirsetravel) पर चीन यात्रा के दौरान का एक वीडियो पोस्ट किया। संजन जब वहां की एक साधारण ट्रेन में सफर कर रहे थे, तो उन्होंने जो देखा वह हैरान करने वाला था। ट्रेन का जनरल कोच पूरी तरह ओवरलोडेड था।

पैर रखने तक की जगह नहीं थी, डिब्बे में भारी भीड़ थी और जिन लोगों को सीटें नहीं मिलीं, वे ट्रेन के फर्श पर, गलियारों में और यहां तक कि टॉयलेट के पास की खाली जगह पर बैठकर यात्रा पूरी कर रहे थे। यह नजारा किसी भी विकासशील देश की आम ट्रेनों जैसा ही था।

सोशल मीडिया पर खिंचाई: ‘यह तो बिल्कुल भारत जैसा हाल है’

वीडियो के वायरल होते ही खासकर भारतीय यूजर्स ने इस पर मजेदार और तीखी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं। कमेंट सेक्शन में लोग कहने लगे कि जो चीन अपनी तरक्की और तकनीक का ढोल पीटता है, वहां के आम नागरिकों की स्थिति भी बहुत अलग नहीं है।

नेटिजन्स का कहना है कि सिर्फ बड़े और वीआईपी शहरों के स्टेशनों को देखकर किसी देश की संपूर्ण व्यवस्था का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि जमीनी हकीकत अक्सर प्रचार से अलग होती है। वहीं, कुछ यूजर्स ने संजन को चीन जैसे सख्त नियमों वाले देश में इस तरह की जमीनी रिपोर्टिंग करने पर सावधानी बरतने की भी सलाह दी।

आखिर क्यों चीन में आज भी चलती हैं ऐसी खचाखच भरी ट्रेनें?

इस वीडियो ने एक बड़ा तकनीकी और आर्थिक सवाल भी खड़ा कर दिया है कि जब चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा और आधुनिक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क है, तो वहां ऐसी ट्रेनों की जरूरत क्यों है? दरअसल, इसके पीछे का अर्थशास्त्र बेहद सीधा है।

चीन में बुलेट ट्रेनों का किराया बेहद महंगा है, जिसे वहां का मजदूर वर्ग, छोटे कस्बों के छात्र और निम्न आय वर्ग के लोग वहन नहीं कर सकते। ऐसे में छोटे शहरों को आपस में जोड़ने और आम जनता की जेब को राहत देने के लिए चीनी रेलवे आज भी इन धीमी और सस्ती ट्रेनों का संचालन करता है, जहां हर रोज ऐसी ही भारी भीड़ देखने को मिलती है।