Jantar Mantar Protest: CJP नेता अभिजीत दीपके बोले- छात्रों को इंसाफ मिलने तक धरना जारीJantar Mantar Protest: CJP नेता अभिजीत दीपके बोले- छात्रों को इंसाफ मिलने तक धरना जारी

Jantar Mantar Protest: दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर तीखी सियासी और छात्र चेतना की गूंज का गवाह बन रहा है। परीक्षाओं में लगातार आ रही गड़बड़ियों और विवादों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच अब बुनियादी सुविधाओं को लेकर ठन गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार को एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि प्रदर्शन को दबाने के लिए जंतर-मंतर पर बने सार्वजनिक शौचालयों में पानी की आमद रोक दी गई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “मैं प्रशासन से मानवीय आधार पर अपील करता हूं कि प्रदर्शन स्थल पर वॉशरूम की पानी सप्लाई न काटी जाए। कल रात से ही यहां लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।”

पुलिस के अल्टीमेटम की अवहेलना, रातभर डटे रहे छात्र; लाइटें बंद करने का भी आरोप

दरअसल, शनिवार की पूरी रात जंतर-मंतर की सड़कों पर भारी तनाव के बीच गुजरी। दिल्ली पुलिस ने देर शाम प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने का निर्देश दिया था, लेकिन छात्रों और सीजेपी कार्यकर्ताओं ने इसे मानने से साफ इनकार कर दिया और सड़क पर ही डेरा डाल लिया।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाने के लिए न सिर्फ धरना स्थल की स्ट्रीट लाइटें बंद कर दीं, बल्कि वहां मौजूद युवाओं के लिए खाने-पीने का सामान और बुनियादी जरूरतों की पहुंच को भी पूरी तरह बाधित कर दिया।

‘हम अपराधी नहीं, इंसाफ के सिपाही हैं’— पुलिसिया बैरिकेडिंग पर भड़के दीपके

अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों से अपील की है कि जंतर-मंतर की तरफ आ रहे छात्रों और आम नागरिकों को जबरन न रोका जाए।

उन्होंने भावुक लहजे में कहा, “हम यहां कोई गैर-कानूनी काम करने नहीं आए हैं। हम तो सिर्फ उन पीड़ित छात्रों के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं, जिन्होंने व्यवस्था की नाकामी से तंग आकर आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया। जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, यह आंदोलन पीछे नहीं हटने वाला।” CJP ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश का युवा सड़कों पर सो रहा है, तब मंत्री जी अपने सरकारी बंगले में चैन की नींद ले रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच NEET री-एग्जाम, प्रदर्शनकारियों ने छात्रों को बुलाया जंतर-मंतर

दिलचस्प बात यह है कि जंतर-मंतर पर मचा यह बवाल उस दिन चरम पर है, जब देश भर में भारी सुरक्षा बंदोबस्त और कड़ी निगरानी के बीच NEET-UG 2026 की री-एग्जामिनेशन (दोबारा परीक्षा) आयोजित की जा रही है। इस बार कुल 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिसके लिए भारत के 551 शहरों और विदेशों में 14 विशेष केंद्रों सहित कुल 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

इस बीच, अभिजीत दीपके ने इन सभी परीक्षार्थियों को बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। साथ ही उन्होंने छात्रों को आंदोलन से जोड़ते हुए कहा, “सभी अभ्यर्थियों को हमारी तरफ से बेस्ट ऑफ लक। जैसे ही आप परीक्षा देकर बाहर निकलें, अपने हक की इस लड़ाई को मजबूत करने के लिए सीधे जंतर-मंतर का रुख करें।”

By Jagmarg