Faridabad Crime: अरावली में अवैध निर्माण रोकना वन विभाग को पड़ा भारी, दबंगों ने दरोगा को पीटा, फाड़ी वर्दी
सूरजकुंड के अनंगपुर में वन विभाग की टीम पर हमला, आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज
Faridabad Crime: हरियाणा के फरीदाबाद में भू-माफियाओं और अवैध निर्माण करने वालों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे अब सरकारी नुमाइंदों पर भी हमला करने से नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला सूरजकुंड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अरावली के संरक्षित वन क्षेत्र का है।
यहां सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों की धज्जियां उड़ाकर किए जा रहे एक अवैध निर्माण को रुकवाने पहुंची वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया गया। दबंगों ने न सिर्फ ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की, बल्कि एक वन दरोगा की सरकारी वर्दी तक फाड़ डाली। पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गश्त के दौरान पकड़ा गया था अवैध काम, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी नहीं रहा खौफ
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, बीते बुधवार को वन दरोगा राजेश और सुरेंद्रपाल वन क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर अनंगपुर गांव के डोमका मोहल्ला इलाके में नियमित गश्त पर थे।
इसी दौरान उनकी नजर अरावली के अधिसूचित (नोटिफाइड) वन क्षेत्र में धड़ल्ले से बनाए जा रहे एक टिन शेड पर पड़ी। दोनों अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर काम रुकवाया और वहां मौजूद लोगों को समझाया कि देश की सर्वोच्च अदालत के आदेशानुसार अरावली के इस संरक्षित हिस्से में किसी भी तरह का गैर-वानिकी (नॉन-फॉरेस्ट) निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
वीडियो बनाने पर भड़का आरोपी गजराज, बेटे के साथ मिलकर बोला हमला
जब वनकर्मी इस अवैध निर्माण की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे, तभी वहां जमीन मालिक गजराज अपने बेटे के साथ धमक पड़ा। आरोप है कि गजराज ने आते ही अपने रसूख और प्रभाव की धौंस जमाते हुए काम बंद करने से साफ मना कर दिया। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि पिता-पुत्र ने कानून को हाथ में ले लिया।
दोनों ने मिलकर वन दरोगा राजेश और सुरेंद्रपाल पर हमला बोल दिया। इस झड़प में वन दरोगा राजेश की वर्दी के बटन टूट गए और वह फट गई। आरोपियों ने दोनों अधिकारियों को सीधे तौर पर अंजाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी।
डायल-112 के पहुंचने से पहले भागे आरोपी, बीके अस्पताल में हुआ मेडिकल
हमले के तुरंत बाद वन कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) को इसकी सूचना दी। हालांकि, जब तक पुलिस की पीसीआर वैन मौके पर पहुंचती, दोनों आरोपी गजराज और उसका बेटा वहां से भागने में कामयाब रहे।
पुलिस टीम ने घायल वन दरोगाओं को तुरंत फरीदाबाद के बीके (BK) नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट तैयार की। सूरजकुंड थाना पुलिस ने वन विभाग की तहरीर और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनकी धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
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