Faridabad News: फरीदाबाद के हार्डवेयर रोड पर बीती रात रफ्तार का ऐसा कहर बरपा कि एक शादी समारोह की खुशियां पल भर में चीख-पुकार में बदल गईं। बल्लभगढ़ के सेक्टर-56 से सज-धजकर चार दोस्त एक विवाह समारोह का हिस्सा बनने के लिए अपनी स्विफ्ट कार से निकले थे। उन्हें क्या मालूम था कि चंद किलोमीटर का यह सफर उनके लिए काल बन जाएगा।
हार्डवेयर रोड पर पहुंचते ही उनकी तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक लोडिंग ट्रॉले में पीछे से बेहद खतरनाक तरीके से जा घुसी। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि पूरा इलाका दहल उठा और कार का अगला हिस्सा मलबे के ढेर में तब्दील हो गया।
आधे घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा चालक
चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद तीन युवक तो लहूलुहान हालत में बाहर छिटक गए, लेकिन गाड़ी चला रहा चीकू नाम का युवक अंदर ही बुरी तरह फंस गया। गाड़ी के लोहे के पतरे इस कदर मुड़ चुके थे कि चीकू को हिलाना भी मुश्किल हो रहा था।
सूचना मिलते ही मुजेसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने करीब 30 मिनट की भारी मशक्कत और कटर की मदद से कार के हिस्सों को काटकर चीकू को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में तीन युवकों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि एक दोस्त को मामूली खरोंच के बाद शुरुआती इलाज देकर डिस्चार्ज कर दिया गया।
बादशाह खान अस्पताल में घायलों की जंग
सभी लहूलुहान घायलों को बिना वक्त गंवाए फरीदाबाद के जिला नागरिक बादशाह खान अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की इमरजेंसी टीम तुरंत उनके इलाज में जुट गई।
आईसीयू में भर्ती तीन युवकों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनके परिजन अस्पताल के बाहर बदहवास हालत में खड़े हैं। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ घंटे घायलों के लिए बेहद संवेदनशील हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी, ट्रॉला चालक पुलिस की गिरफ्त में
इस पूरे मामले पर पुलिस मुस्तैदी से जांच में जुट गई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि देर रात हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था। हादसे के बाद पुलिस ने सड़क किनारे अवैध या लापरवाही से वाहन खड़ा करने के आरोप में लोडिंग ट्रॉला चालक को हिरासत में ले लिया है।
मुजेसर पुलिस अब यह जांच कर रही है कि दुर्घटना की असली वजह कार की बेकाबू रफ्तार थी, सड़क पर अंधेरा होना था या फिर ट्रॉला चालक की लापरवाही। इसके लिए घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी कब्जे में लिए जा रहे हैं।

