Haryana News: हरियाणा में फसल अवशेष प्रबंधन योजना शुरू, जानें किन दस्तावेजों की होगी जरूरत
पराली प्रबंधन मशीनों पर हरियाणा सरकार दे रही 50% छूट
Haryana News: हरियाणा के किसानों के लिए काम की खबर है। खेतों में पराली जलाने की मजबूरी और उससे होने वाले जहरीले धुएं से पर्यावरण को बचाने के लिए राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (वर्ष 2026-27) के अंतर्गत सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन (In-Situ & Ex-Situ Management) के लिए आधुनिक कृषि उपकरणों पर भारी-भरकम सब्सिडी देने का ऐलान किया है। विभाग की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, राज्य के प्रगतिशील किसान इन यंत्रों को आधी कीमत पर पाने के लिए आगामी 3 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सुपर सीडर से लेकर स्ट्रॉ बेलर तक: इन मशीनों पर मिलेगा सीधा फायदा
इस सरकारी योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है ताकि वे खेतों में आग लगाने की बजाय पराली का सही निपटारा कर सकें। व्यक्तिगत श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों की खरीद पर सीधे 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा।
इस योजना के दायरे में आने वाले प्रमुख उपकरणों में सुपर एसएमएस (Super SMS), हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्ट्रॉ चॉपर, शेडर और मल्चर शामिल हैं। इनके अलावा खेतों की गहरी जुताई और अवशेषों को मिट्टी में दबाने के लिए रिवर्सिबल एमबी प्लॉऊ, जीरो टिल सीड ड्रिल, स्ट्रॉ बेलर, रेक, क्रॉप रीपर और ट्रैक्टर चालित टेंडर मशीन को भी पात्रता सूची में जगह दी गई है। इन मशीनों के उपयोग से न सिर्फ प्रदूषण घटेगा बल्कि खेतों की उर्वरा शक्ति में भी सुधार होगा।
इन दस्तावेजों के बिना नहीं मिलेगी सब्सिडी; जानें पात्रता के नियम
योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ बेहद जरूरी नियम और शर्तें तय की हैं। सबसे पहली और अनिवार्य शर्त यह है कि आवेदक किसान का ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण होना अनिवार्य है। आवेदन करते समय किसानों को अपना परिवार पहचान पत्र (PPP), पैन कार्ड, बैंक खाते की पासबुक और ट्रैक्टर की वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) की कॉपियां लगानी होंगी।
इसके साथ ही पहचान व पते की पुष्टि के लिए पहचान संबंधी सरकारी दस्तावेज भी अनिवार्य किए गए हैं। वहीं, जो किसान अनुसूचित जाति (SC) वर्ग से संबंध रखते हैं, उन्हें योजना का विशेष लाभ लेने के लिए अपना जाति प्रमाण पत्र भी साथ में अपलोड करना होगा।
7 सितंबर तक पूरी करनी होगी खरीद प्रक्रिया
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 3 अगस्त को आवेदन प्रक्रिया बंद होने के बाद पात्र किसानों का चयन किया जाएगा। जिन किसानों का नाम इस अनुदान सूची में शॉर्टलिस्ट होगा, उन्हें विभाग द्वारा अनुमोदित (Approved) निर्माताओं या अधिकृत डीलरों से ही इन कृषि यंत्रों की खरीद करनी होगी। मशीन खरीदने के बाद बिल और अन्य जरूरी दस्तावेजों को 7 सितंबर तक दोबारा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना होगा, जिसके बाद भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करके अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
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