Haryana News: फर्जी श्रमिक कार्ड घोटाले में बड़ी कार्रवाई, समालखा और अंबाला से दबोचे गए दो आरोपीश्रम विभाग में 10 करोड़ का फर्जीवाड़ा

Haryana News: हरियाणा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (श्रम विभाग) में हुए करीब 10 करोड़ रुपये के बहुचर्चित फर्जी श्रमिक कार्ड घोटाले में स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम ने अपना शिकंजा और कस दिया है।

जांच टीम ने इस पूरे खेल में शामिल विभाग के ही दो कंप्यूटर ऑपरेटरों— सागर पूनिया और कमल सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच की इस लगातार हो रही कार्रवाई ने श्रम विभाग के गलियारों में खलबली मचा दी है, जिससे विभाग के दूसरे कर्मचारियों और उच्च अधिकारियों की धड़कनें तेजी से बढ़ गई हैं।

तकनीकी साक्ष्यों ने खोली पोल, समालखा से हुई गिरफ्तारी

स्टेट क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया गया। इसके बाद जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर सागर पूनिया को बुधवार को समालखा के पास डिडवाड़ी गांव से धर दबोचा।

आरोपी सागर को वीरवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। डिजिटल रिकॉर्ड और आईडी के जरिए किए गए इस फर्जीवाड़े में सागर की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

रिमांड के दौरान उगलवाए कई राज, बड़े चेहरों पर बढ़ा खतरा

क्राइम ब्रांच ने इससे पहले 22 जून को अंबाला के शहजादपुर स्थित घड़ौली निवासी एक अन्य कंप्यूटर ऑपरेटर कमल सैनी को भी दबोचा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कमल सैनी को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया।

पूछताछ के दौरान कमल ने घोटाले से जुड़े कई ऐसे गहरे राज उगले हैं, जिनसे इस रैकेट में शामिल कुछ और सफेदपोशों के नाम सामने आ सकते हैं। रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद कमल को भी कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

मुख्य आरोपी अधिकारी पहले ही जा चुका है जेल

इस मामले में यह कोई पहली बड़ी गिरफ्तारी नहीं है। इन दोनों कंप्यूटर ऑपरेटरों पर हाथ डालने से पहले स्टेट क्राइम ब्रांच इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड्स में शामिल सहायक कल्याण अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंघल को भी सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। अब नीचे के स्तर के कर्मचारियों से हो रही इस कड़ाई से साफ है कि आने वाले दिनों में श्रम विभाग के कई और बड़े चेहरों पर गाज गिरना तय है।