Ladwa Grain Mandi Inspection: लाडवा अनाज मंडी पहुंचे जोनल अधिकारी राममेहर जागलान, औचक निरीक्षण में व्यवस्थाएं मिलीं चकाचौंधलाडवा अनाज मंडी पहुंचे जोनल अधिकारी राममेहर जागलान, औचक निरीक्षण में व्यवस्थाएं मिलीं चकाचौंध

Ladwa Grain Mandi Inspection: (कैलाश गोयल) कृषि प्रधान हरियाणा की प्रमुख मंडियों में शुमार लाडवा अनाज मंडी में इन दिनों फसलों की भारी आवक के बीच प्रशासनिक हलचल भी तेज हो गई है। सोमवार को अंबाला मंडल के जोनल मार्केटिंग इंफोर्समेंट अधिकारी राममेहर जागलान अचानक लाडवा मंडी का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। अधिकारी के इस औचक दौरे से मंडी प्रबंधन और मार्केट कमेटी के अमले में खलबली मच गई। अपनी पड़ताल के दौरान जोनल अधिकारी ने केवल कागजी दावों पर भरोसा नहीं किया, बल्कि उन्होंने खुद तौल कांटों, हेल्प डेस्क और शेड के नीचे जाकर किसानों व मजूदरों से बातचीत की। उन्होंने मंडी में बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, ठंडा पानी, साफ-सफाई और फसलों के उठान की व्यवस्था को बारीकी से देखा और मौके पर सभी प्रबंध चाक-चौबंद पाए।

कैंटीन के खाने का लिया स्वाद, किसानों से बोले— ‘मंडी में फसल सुखाकर ही लाएं’

निरीक्षण के दौरान राममेहर जागलान विशेष रूप से मार्केट कमेटी द्वारा किसानों और मजदूरों के लिए चलाई जा रही रियायती कैंटीन में पहुंचे। वहां उन्होंने भोजन की थाली की गुणवत्ता और स्वच्छता को परखा, जिसे उन्होंने काफी सराहा। इस मौके पर किसान भाइयों से संवाद करते हुए जोनल अधिकारी ने एक अहम अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल को जल्दबाजी में कच्चा या गीला न काटें। अगर फसल पूरी तरह पकने के बाद, उसे सुखाकर और साफ करके मंडी में लाया जाएगा, तो आढ़तियों को बोली लगाने में आसानी होगी और किसानों को उनकी मेहनत का पूरा और उचित मूल्य तुरंत मिल सकेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मार्केटिंग बोर्ड का मुख्य ध्येय ही किसानों को समृद्ध बनाना और उनकी हर समस्या का मौके पर ही निपटारा करना है।

सूरजमुखी और मक्के की रिकॉर्ड आवक; पिछले साल के मुकाबले ढाई गुना से अधिक पहुंची खरीद

मंडी सचिव संत कुमार ने इस सीजन के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस बार लाडवा मंडी में व्यापार का ग्राफ तेजी से ऊपर गया है। मंडी में अब तक 6700 क्विंटल सूरजमुखी की आवक हो चुकी है, जो पिछले साल की इसी अवधि (2750 क्विंटल) के मुकाबले ढाई गुना से भी ज्यादा है। किसानों में इस उत्साह की बड़ी वजह सरकार द्वारा दिया जा रहा बेहतरीन दाम है। इस साल सरकार सूरजमुखी पर 7,721 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दे रही है, जबकि पिछले साल यह 7,280 रुपये था। इसके अलावा मंडी में मक्के की भी ऐतिहासिक आवक हो रही है। अब तक करीब 1 लाख 70 हजार क्विंटल मक्का मंडी के फड़ पर पहुंच चुका है, जिसका अधिकतम मूल्य 2100 रुपये प्रति क्विंटल तक लग रहा है।

गीले मक्के की सीधी बिक्री से किसानों को मिली बड़ी राहत

मंडी सचिव ने एक व्यावहारिक पहलू पर जानकारी देते हुए बताया कि मंडी में सूखा मक्का ही नहीं, बल्कि नमी वाला (गीला) मक्का भी 1200 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल के बीच धड़ाधड़ खुले बाजार में बिक रहा है। इससे उन छोटे किसानों को बड़ी राहत मिली है जिनके पास फसल सुखाने की जगह या लेबर नहीं है। गीली फसल सीधे बिकने से किसानों का सुखाने का खर्च, मजदूरी और वजन घटने का जोखिम पूरी तरह खत्म हो गया है। इस औचक निरीक्षण के दौरान मार्केट कमेटी के चेयरमैन गणेश दत्त, मंडी प्रधान राजीव आर्य, आढ़ती रवि बेदी, जगदीप गुढ़ा, रणबीर सिंह, वीरेंद्र सिंह और प्रमोद धवन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।