Kurukshetra looteri dulhan case: कुरुक्षेत्र में शादी के 12 दिन बाद 4 लाख समेटकर भागी दुल्हन, पहले पहचान पत्र बदला फिर रचाई दूसरी शादी
कुरुक्षेत्र में शादी के 12 दिन बाद 4 लाख समेटकर भागी दुल्हन
Kurukshetra looteri dulhan case: कुरुक्षेत्र जिले के इस्माइलाबाद क्षेत्र में एक युवक के अरमानों और जेब पर डाका डालने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के एक गांव के रहने वाले 34 वर्षीय युवक की शादी बीते 28 मई 2023 को करनाल की एक युवती से कराई गई थी। लेकिन किसे पता था कि सात फेरों का यह पवित्र बंधन महज एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। शादी के ठीक 12 दिन बाद, यानी 9 जून 2023 को दुल्हन अचानक ससुराल से लापता हो गई। इसके बाद जब पति ने अपने स्तर पर उसकी खोजबीन शुरू की, तो जो सच सामने आया उसने पैरों तले से जमीन खिसका दी। पता चला कि जिसे वह अपनी पत्नी मान बैठा था, वह तो पहले से ही राजिंदर कुमार नाम के शख्स की ब्याहता थी।
पहली शादी छिपाने के लिए पहचान पत्र में फर्जीवाड़ा, ऐसे बिछाया जाल
पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि लड़की की पहली शादी की बात को पूरी तरह छिपाने के लिए आरोपियों ने बाकायदा एक साजिश रची। इसके तहत दुल्हन के सरकारी पहचान पत्र (Aadhaar Card) में हेरफेर की गई, जहां कानूनी तौर पर दर्ज पति के नाम को हटवाकर बड़ी चालाकी से दोबारा पिता का नाम लिखवा दिया गया, ताकि कोई शक न कर सके। इस पूरे खेल की पटकथा करनाल के एक मैरिज ब्यूरो में लिखी गई थी, जिसमें पीड़ित की एक महिला रिश्तेदार भी शामिल थी। उसी रिश्तेदार ने पीड़ित परिवार को झांसा दिया था कि मात्र 3100 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस भरकर वे एक अच्छा और संस्कारी रिश्ता पक्का करवा देंगे।
किस्तों में वसूले गए 4 लाख रुपये, 4 दिन रुककर दुल्हन हुई रफूचक्कर
शिकायत के अनुसार, 15 मई 2023 को शादी का सौदा तय करने के लिए आरोपियों का पूरा कुनबा पीड़ित के घर पहुंचा। रिश्ता पक्का होने के एवज में और शादी के खर्च के नाम पर लड़के वालों से किस्तों में मोटी रकम ऐंठी गई। पहले 3,900 रुपये एडवांस, फिर 40 हजार, 20 हजार, 50 हजार और कागजात तैयार कराने के नाम पर अलग से हजारों रुपये वसूले गए। कुल मिलाकर शादी संपन्न होने तक करीब 4 लाख रुपये खर्च करवा दिए गए। 28 मई को धूमधाम से शादी हुई। इसके बाद दुल्हन अपने मायके मिलने गई और 5 जून को वापस लौट आई। लेकिन ससुराल आने के महज 4 दिन बाद (9 जून) वह रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई और दोबारा कभी वापस नहीं लौटी।
पैसे वापस मांगने पर मैरिज ब्यूरो संचालकों ने दी जान से मारने की धमकी
दुल्हन के भाग जाने के बाद पीड़ित युवक अपने भाई और गांव के मोजिझ लोगों को साथ लेकर करनाल स्थित मैरिज ब्यूरो के दफ्तर पहुंचा। वहां जब उसने संचालक के सामने पूरी सच्चाई रखते हुए अपनी गाढ़ी कमाई के पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों के तेवर बदल गए। पैसे लौटाने के बजाय मैरिज ब्यूरो के कर्ता-धर्ता पीड़ित परिवार को ही गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकियां देने लगे। पीड़ित का आरोप है कि यह मैरिज ब्यूरो कोई समाज सेवा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर शादियों के नाम पर ठगी करने वाला एक संगठित गिरोह है, जो पहले भी कई सीधे-साधे परिवारों को अपना शिकार बना चुका है।
कुरुक्षेत्र एसपी से न्याय न मिलने पर कोर्ट की शरण, ललिता कुमारी केस का हवाला
शुरुआत में पीड़ित ने इस धोखाधड़ी की लिखित शिकायत कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक (SP) को सौंपी थी, लेकिन जब लंबे समय तक स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हार मानकर युवक ने पिहोवा की अदालत का दरवाजा खटखटाया। पिहोवा कोर्ट ने मामले के तमाम दस्तावेजों और पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन करने के बाद माना कि मामला प्रथम दृष्टया एक गंभीर और संज्ञेय अपराध का है। अदालत ने देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) के प्रसिद्ध ‘ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार’ के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए स्थानीय पुलिस को फटकार लगाई और तुरंत मामला दर्ज करने के आदेश दिए।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच में जुटी टीमें
पिहोवा कोर्ट के कड़े रुख के बाद हरकत में आई इस्माइलाबाद थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है। थाना प्रभारी (SHO) रामपाल ने बताया कि अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए फरार दुल्हन, मैरिज ब्यूरो संचालक और बिचौलियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 (अमानत में खयानत), 384 (जबरन वसूली), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (फर्जी दस्तावेज तैयार करना), 120-बी (आपराधिक साजिश) और 506 (जान से मारने की धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम करनाल और आसपास के इलाकों में आरोपियों की धरपकड़ के लिए रवाना कर दी गई है।
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