Punjab News: पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले भाखड़ा डैम के जलस्तर को लेकर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने ताजा स्थिति स्पष्ट की है। बोर्ड के अनुसार जून महीने की शुरुआत में जलस्तर में हुई तेज बढ़ोतरी के बाद अब हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। BBMB ने कहा है कि डैम और गोबिंद सागर झील के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा वर्तमान में किसी प्रकार की चिंता की स्थिति नहीं है।
BBMB से प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 जून को गोबिंद सागर झील का जलस्तर 1575.80 फुट दर्ज किया गया था। जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद प्रशासन और जल प्रबंधन एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। विशेषज्ञों ने उस समय संभावित जोखिमों को देखते हुए जल निकासी की रणनीति तैयार की थी ताकि डैम पर अतिरिक्त दबाव न बने और निचले क्षेत्रों में किसी तरह की परेशानी पैदा न हो।
प्रशासन ने तुरंत शुरू किया था जल प्रबंधन
जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने समय रहते आवश्यक कदम उठाए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भाखड़ा डैम से लगातार और नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा गया। अधिकारियों का मानना है कि समय पर लिए गए फैसलों के कारण जलस्तर को सुरक्षित सीमा में बनाए रखने में सफलता मिली। इससे संभावित खतरे को टालने में मदद मिली और जलाशय पर दबाव कम हुआ।
BBMB के अधिकारियों के अनुसार जल प्रबंधन की रणनीति के तहत पड़ोसी राज्यों को आवश्यकता के अनुसार अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध कराया गया। इससे गोबिंद सागर झील में पानी का दबाव कम करने में मदद मिली। बोर्ड का कहना है कि जल वितरण और निकासी के बीच संतुलन बनाए रखने की वजह से स्थिति तेजी से सामान्य हुई और जलस्तर नियंत्रित स्तर पर आ गया।
लगातार निगरानी में है भाखड़ा डैम
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि डैम के जलस्तर की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। तकनीकी टीमें जलाशय में आने वाले पानी और निकासी की मात्रा का लगातार आकलन कर रही हैं। मानसून सीजन को देखते हुए बोर्ड किसी भी संभावित बदलाव पर नजर बनाए हुए है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
BBMB के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में जलस्तर पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है और भाखड़ा डैम की स्थिति सामान्य बनी हुई है। प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञ भविष्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं।
जरूरी खबर भी पढ़ें; कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम का शेड ढहा, 5 की मौत

