July 2, 2026

Radaur Deha Colony Demolition: पुलिस पर हमले के बाद रादौर में भारी तनाव, बेघर हुए परिवारों ने सड़क किनारे डाला डेरा

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Radaur Deha Colony Demolition: पुलिस पर हमले के बाद रादौर में भारी तनाव, बेघर हुए परिवारों ने सड़क किनारे डाला डेरा

रादौर की डेहा कॉलोनी में बुलडोजर एक्शन के बाद लगा सरकारी बोर्ड

Radaur Deha Colony Demolition: यमुनानगर जिले के रादौर स्थित छोटा बांस की डेहा कॉलोनी में पिछले दिनों पुलिस टीम पर हुए जानलेवा हमले के बाद प्रशासनिक अमला बेहद सख्त रुख अख्तियार किए हुए है। कॉलोनी में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जों को ढहाने के बाद अब नगर पालिका ने उस जमीन को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है। मौके पर पालिका प्रशासन की तरफ से एक बकायदा चेतावनी बोर्ड टांग दिया गया है। इस बोर्ड पर दो टूक लिखा गया है कि यह जमीन नगर पालिका रादौर की मलकियत है और यदि किसी ने दोबारा यहां पैर पसारने या अतिक्रमण करने की जुर्रत की, तो हरियाणा नगरपालिका अधिनियम-1973 के तहत सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।

बेघर परिवारों ने सड़क किनारे डाला डेरा, ग्रामीणों से बढ़े टकराव के आसार

प्रशासन की इस ताबड़तोड़ तोड़फोड़ के बाद बेघर हुए परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिन लोगों के आशियाने उजाड़े गए हैं, उन्होंने अब सड़क किनारे ही त्रिपाल तानकर अपनी गृहस्थी जमा ली है। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे सालों से यहां रह रहे हैं और जब तक सरकार उन्हें रहने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं देती, वे यहीं डटे रहेंगे। दूसरी तरफ, स्थानीय निवासियों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि इस इलाके में दोबारा किसी भी कीमत पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा और इस पूरी बस्ती को शहर की सीमा से बाहर शिफ्ट किया जाए।

चेयरमैन बंजारा के सामने भिड़े दोनों पक्ष, लगे नशा तस्करी के आरोप

इस सुलगते विवाद के बीच हरियाणा विमुक्त घुमंतु जाति विकास बोर्ड के चेयरमैन जसमेर सिंह बंजारा जमीनी हकीकत जानने डेहा कॉलोनी पहुंचे। उन्होंने जैसे ही प्रभावित परिवारों की बात सुननी शुरू की, वैसे ही आसपास के ग्रामीण भी वहां इकट्ठा हो गए और माहौल गरमा गया। चेयरमैन की मौजूदगी में ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। जहां डेहा समाज के लोग बच्चों की पढ़ाई और रोजगार का हवाला देकर पुनर्वास की गुहार लगा रहे थे, वहीं ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस बस्ती के कुछ असामाजिक तत्वों ने नशा तस्करी, चोरी और मारपीट कर पूरे इलाके का अमन-चैन गारद कर रखा है।

पुलिस पर हमले की वो खौफनाक वारदात, जिससे शुरू हुआ विवाद

गौरतलब है कि इस पूरे विवाद की पटकथा कुछ दिन पहले लिखी गई थी, जब करनाल सीआईए की टीम एक वांटेड नशा तस्कर को दबोचने डेहा कॉलोनी आई थी। उस वक्त बस्ती के कुछ लोगों ने पुलिस को चारों तरफ से घेरकर ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया था। इस दुस्साहस में कई पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए थे और भीड़ आरोपी को पुलिस के चंगुल से छुड़ाकर भगा ले गई थी। खाकी पर हुए इस इकबालिया हमले के बाद ही प्रशासन ने पैरामिलिट्री और भारी पुलिस बल के साथ मिलकर यहां करीब 50 अवैध मकानों को जमींदोज कर दिया।

रादौर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने मामले की अपडेट देते हुए बताया कि पुलिस पर हमला करने वाले तीन मुख्य आरोपियों को दबोचा जा चुका है। बाकी के आरोपियों को भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने दो टूक हिदायत दी कि सरकारी जमीन अब खाली हो चुकी है और दोबारा कानून हाथ में लेने वालों से पुलिस अपने तरीके से निपटेगी।

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