Yamunanagar News: सचिवालय गेट पर अड़े कर्मचारी, भारी नोकझोंक के बाद झुका प्रशासन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा मांग-पत्र
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा मांग-पत्र
Yamunanagar News: (संजीव चौहान) महीनों से अपनी मांगों को लेकर दबी जुबान में सुलग रहा कर्मचारियों का असंतोष मंगलवार को यमुनानगर की सड़कों पर खुलकर सामने आ गया। भारतीय मजदूर संघ जिला यमुनानगर के आह्वान पर कन्हैया साहिब चौक स्थित देवी लाल पार्क में सुबह से ही विभिन्न विभागों के अनुबंधित, कच्चे और पक्के कर्मचारियों का जुटना शुरू हो गया था।
जिला अध्यक्ष आशीष धीमान की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली। इसके बाद जैसे ही प्रदर्शनकारियों का हुजूम जिला मुख्यालय की तरफ बढ़ा, पूरे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई और चारों तरफ खाकी वर्दी का पहरा नजर आने लगा।
“रोजगार सुरक्षा के नाम पर सिर्फ तारीखें मिल रहीं”
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के पदाधिकारियों ने सीधे मुख्यमंत्री और उनके नीति-निर्धारकों को आड़े हाथों लिया। जिला अध्यक्ष ने कहा कि आज प्रदेश का हर वर्ग सरकार के ढुलमुल रवैए से त्रस्त है। लाखों कर्मचारियों से चुनाव और बैठकों के दौरान जो वादे किए गए थे, उन्हें ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
जिला मंत्री का तीखा हमला:
“हरियाणा सरकार पिछले दो साल से कर्मचारियों को रोजगार की गारंटी और सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। अदालत के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कर्मचारियों के हक में फैसले लागू नहीं किए जा रहे। सरकार सिर्फ तारीखों का खेल खेलकर वक्त काट रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
सचिवालय के गेट पर अड़े कर्मचारी, प्रशासन के साथ तीखी बहस
आंदोलन का सबसे हाई-वोल्टेज ड्रामा उस वक्त देखने को मिला जब कर्मचारियों का यह विशाल मार्च जिला सचिवालय (लघु सचिवालय) पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही मुख्य गेट को बंद कर रखा था। यूनियन के पदाधिकारी इस बात पर अड़ गए कि वे ज्ञापन देने के लिए अंदर नहीं जाएंगे, बल्कि प्रशासनिक अधिकारी खुद बाहर आकर मुख्य गेट पर ही मुख्यमंत्री के नाम का मांग-पत्र स्वीकार करें।
इसे लेकर ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और यूनियन नेताओं के बीच काफी देर तक नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। अंततः, कर्मचारियों के भारी दबाव के आगे प्रशासन को कदम पीछे खींचने पड़े और डीडीपीओ (DDPO) ने खुद गेट पर आकर कर्मचारियों का मांग-पत्र लिया।
इस प्रदर्शन में संघ के जिला उपाध्यक्ष संजीव कुमार, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव अमित गुर्जर, अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जसविंदर, और पब्लिक हेल्थ कर्मचारी संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष जयकुमार समेत विनोद कुमार, प्रशांत और कमल शर्मा जैसे कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। कर्मचारियों का कहना है कि यह तो सिर्फ एक चेतावनी थी; अगर फाइलों में दबी उनकी मांगें हकीकत में तब्दील नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में पूरा हरियाणा कर्मचारी आंदोलन की आग में सुलगने को मजबूर होगा।
