Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने राज्य के तेजी से विकसित हो रहे कस्बों और शहरी क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से 76 नई नगरपालिकाओं के गठन को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद प्रदेश में नगरीय निकायों की कुल संख्या 309 से बढ़कर 385 हो गई है। सरकार ने नई नगरपालिकाओं के प्रभावी संचालन के लिए स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी प्रदान की है। सरकार का मानना है कि इससे शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ेगी और नागरिकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
जयपुर और झुंझुनूं में सबसे अधिक नई नगरपालिकाएं
नई नगरपालिकाओं के गठन में जयपुर और झुंझुनूं जिले सबसे आगे रहे हैं, जहां सात-सात नए निकाय बनाए गए हैं। जयपुर जिले में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, कानोता, खेजरोली और कालाडेरा को नगर पालिका का दर्जा मिला है। इसके अलावा दौसा, अलवर और टोंक में चार-चार नई नगरपालिकाएं गठित की गई हैं, जबकि बालोतरा, बाड़मेर और अजमेर में तीन-तीन नए नगरीय निकाय बनाए गए हैं। सरकार का उद्देश्य बढ़ती शहरी आबादी के अनुरूप स्थानीय प्रशासन को अधिक सक्षम बनाना है।
प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
नई नगरपालिकाओं के गठन के साथ सरकार ने उनके प्रशासनिक ढांचे को भी सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया है। स्वायत्त शासन विभाग में 684 नए पद स्वीकृत किए गए हैं, जिससे नवगठित नगरपालिकाओं में नियमित प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुचारु रूप से किया जा सकेगा। इन पदों के सृजन से स्थानीय निकायों की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
सरकार के इस निर्णय से विभाग में भर्ती प्रक्रिया का मार्ग भी प्रशस्त होगा। नए पदों पर नियुक्तियों के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी। विभाग में पिछले तीन वर्षों के दौरान पहली बार भर्ती को मंजूरी मिली है, जबकि इतनी बड़ी संख्या में नए पदों का सृजन पिछले 15 वर्षों में पहली बार किया गया है। इसे राज्य में नगरीय प्रशासन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
684 पदों के सृजन को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी
सरकार ने 76 नवगठित नगरपालिकाओं में प्रशासनिक कामकाज के लिए 684 नए पद स्वीकृत किए हैं। प्रत्येक नगर पालिका में एक-एक अधिशासी अधिकारी (चतुर्थ), सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (सिविल), कनिष्ठ लेखाकार, ठोस कचरा प्रबंधक (स्वास्थ्य निरीक्षक), वरिष्ठ प्रारूपकार और वरिष्ठ सहायक का पद स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा प्रत्येक नगर पालिका में दो-दो कनिष्ठ सहायकों के पद भी सृजित किए गए हैं।
सरकार ने पहले से गठित छह नगरपालिकाओं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, चौकीदार, सफाई जमादार और सफाई कर्मचारियों के कार्यों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराने की पूर्व स्वीकृति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। इसके साथ ही इन छह निकायों के लिए पहले स्वीकृत 54 पदों से संबंधित व्यवस्था भी समाप्त कर दी गई है।
यह भी पढ़ें; फर्जी श्रमिक कार्ड घोटाले में बड़ी कार्रवाई

