Rajasthan Weather: मेवात अंचल के अलवर जिले में इन दिनों मौसम अजीबोगरीब करवटें ले रहा है। शनिवार को जहां सूरज की तीखी किरणों और उमस ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया था, वहीं देर रात मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया।
रात करीब 2 बजे आसमान में काले बादलों की गर्जना के साथ तेज ठंडी हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। इस अचानक हुई बौछार से रात के तापमान में गिरावट आई और सो रहे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।
सुबह 10 बजे ही छूटा पसीना, 36 डिग्री पर पहुंचा पारा
रात की राहत ज्यादा देर टिक नहीं सकी और रविवार की सुबह होते ही मौसम ने एक बार फिर तेवर बदल लिए। सुबह से ही हवा पूरी तरह बंद हो गई, जिसके बाद निकली तेज धूप ने वातावरण में मौजूद नमी को भयंकर उमस में बदल दिया।
आलम यह रहा कि सुबह 10 बजे तक ही जिला मुख्यालय का पारा 36 डिग्री सेल्सियस को छू गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोपहर या शाम तक दोबारा बादलों की आवाजाही शुरू नहीं हुई, तो उमस और पारे का यह गठजोड़ लोगों को बुरी तरह सताएगा।
3 जुलाई तक जारी रहेगा आंख-मिचौली का खेल
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अलवर और आसपास के इलाकों में अगले पांच से छह दिनों तक प्री-मानसून की गतिविधियां इसी तरह जारी रहेंगी। विभाग ने 28 जून से लेकर 3 जुलाई तक जिले के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश, तेज अंधड़ और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस पूरे हफ्ते अलवर का अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने के आसार हैं, यानी बादलों और धूप की आंख-मिचौली चलती रहेगी।
आकाशीय बिजली को लेकर गाइडलाइन, खेतों में काम करने वाले रहें सतर्क
मौसम में आ रहे इस बड़े बदलाव के बीच आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने आम लोगों, खासकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
प्रशासन ने अपील की है कि जब भी आसमान में बिजली कड़कने लगे या तेज आंधी आए, तो तुरंत पक्के मकानों में शरण लें। किसी भी सूरत में ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले मैदानों में खड़े न हों। अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह अनिश्चित रहने वाला है, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

