Sirsa News: सिरसा जिले के डबवाली खंड में मंगलवार शाम को एक बेकाबू रफ्तार ने हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया। मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा रोडवेज की एक बस शाम करीब सवा छः बजे डबवाली बस स्टैंड से वाया जीवनगर होते हुए रानियां के लिए रवाना हुई थी। बस में पैर रखने तक की जगह नहीं थी और करीब 80 से 90 सवारियां ठसाठस भरी हुई थीं।
बस में सवार प्रत्यक्षदर्शी आकाशदीप ने बताया कि अलीका गांव से सवारियां उतारने के बाद ड्राइवर ने बस की रफ्तार अचानक बहुत तेज कर दी। बस के भीतर और गेट पर लोग लटके हुए थे, लेकिन ड्राइवर लगातार लापरवाही से गाड़ी को भगाता रहा।
ओवरटेक के चक्कर में ट्रैक्टर-ट्रॉले को कई मीटर तक घसीटा
जैसे ही यह ओवरलोड बस मसीता गांव के नजदीक पहुंची, ड्राइवर ने आगे जा रहे तूड़ी से भरे एक ट्रैक्टर-ट्रॉले को ओवरटेक करने की कोशिश की। रफ्तार इतनी घातक थी कि बस का पिछला हिस्सा सीधे ट्रॉले से जा टकराया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस पलटने से तो बच गई, लेकिन वह ट्रैक्टर-ट्रॉले को कई मीटर तक सड़क पर घसीटती हुई ले गई। इस भीषण झटके के कारण बस की पिछली खिड़की पर खड़े दो युवक, सोनी सिंह और सुशील कुमार, सीधे छिटककर पक्की सड़क पर जा गिरे। हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई और दोनों तरफ का ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।
सैलून से घर लौट रहे इकलौते चिराग की मौत, दूसरा गंभीर
राहगीरों और यात्रियों ने तुरंत एक निजी वाहन का इंतजाम किया और लहूलुहान पड़े दोनों युवकों को अस्पताल की तरफ लेकर दौड़े। लेकिन बदकिस्मती से मसीता गांव के रहने वाले 22 वर्षीय सोनी सिंह ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया।
परिजनों ने रोते हुए बताया कि सोनी डबवाली में एक सैलून पर काम करता था और हर रोज की तरह शाम को काम खत्म कर बस से अपने गांव लौट रहा था। वहीं, झूटी खेड़ा गांव के रहने वाले दूसरे घायल युवक सुशील (27 वर्ष) की हालत भी गंभीर बनी हुई है। उसके मुंह और होंठ पर गहरी चोटें आई हैं और डबवाली के अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस की गाड़ी के आगे लेटे ग्रामीण, बड़ी मशक्कत के बाद छूटा ड्राइवर
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ड्राइवर ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन बस की सवारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे पीछा करके दबोच लिया। सूचना मिलते ही जब डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ड्राइवर को हिरासत में लेकर गाड़ी में बिठाया, तो वहां मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा।
लोगों को शक था कि पुलिस ढीला रवैया अपनाकर ड्राइवर को बचा सकती है। इसी बात से नाराज दर्जनों ग्रामीण और यात्री पुलिस की गाड़ी के आगे ही सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। माहौल बिगड़ता देख एएसआई बलविंदर सिंह ने मोर्चा संभाला और ग्रामीणों को ड्राइवर के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद कड़ी मशक्कत के बीच पुलिस आरोपी को थाने ले जा सकी।

