Sirsa Opium Case SIT: पुलिसवाला ही निकला करोड़ों के नशे का चोर, थाने में खड़े ट्रक से 10 किलो और अफीम जब्त
डिंग थाने में बंद ट्रक से मिले अफीम के 12 पैकेट, 100 किलो के पार पहुंची कुल रिकवरी
Sirsa Opium Case SIT: हरियाणा के सिरसा में करोड़ों रुपये की अफीम पकड़े जाने के मामले में खाकी को दागदार करने वाली एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है। मामले की तफ्तीश में जुटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। जांच में सामने आया है कि इस पूरे खेल में गिरफ्तार हो चुके बर्खास्त एएसआई रणबीर सिंह की भूमिका सबसे अहम थी। वह अकेले ही भारी मात्रा में अफीम को पुलिस रिकॉर्ड से छिपाकर बाजार में ठिकाने लगाने की फिराक में था। इसी नीयत से उसने जब्त किए गए ट्रक के भीतर ही कुछ अफीम छिपाकर छोड़ दी थी।
थाने में बंद ट्रक से मिले 12 नए पैकेट, कुल रिकवरी 100 किलो के पार
इस मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब एसआईटी ने डिंग थाने के मालखाने के बाहर खड़े इंपाउंड (जब्त) ट्रक की दोबारा बारीकी से तलाशी ली। इस तलाशी के दौरान ड्राइवर सीट के पास से 12 नए पैकेट बरामद हुए, जिनमें करीब 10 किलो और अफीम भरी हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करीब 45 लाख रुपये आंकी जा रही है। गौरतलब है कि शुरुआत में राजस्थान और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में 89 किलो 970 ग्राम अफीम पकड़ने का दावा किया था, लेकिन इस नई बरामदगी के बाद तस्करी कर लाई जा रही कुल अफीम की मात्रा अब 100 किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई है।
सिलीगुड़ी से जोधपुर जा रही थी खेप, मणिपुर के हालातों ने रोका पुलिस का हाथ
तस्करी का यह नेटवर्क बेहद लंबा था। अफीम से लदा यह ट्रक पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से चला था और इसे राजस्थान के जोधपुर पहुंचना था। जोधपुर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के इनपुट पर ही सिरसा के भावदीन टोल प्लाजा के पास ट्रक को घेरा गया था। हालांकि, एसआईटी अभी इस बड़े ड्रग्स सिंडिकेट के मुख्य सरगनाओं तक नहीं पहुंच पाई है। जांच टीम आरोपियों को लेकर मणिपुर गई थी, जहां से इस धंधे के तार जुड़े होने का शक था। मगर, पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में भड़के दंगों और खराब सुरक्षा व्यवस्था के कारण टीम को बिना पूछताछ किए वापस लौटना पड़ा। पुलिस का कहना है कि वहां हालात सामान्य होते ही आरोपियों को दोबारा रिमांड पर लेकर मणिपुर ले जाया जाएगा।
कई पुलिसकर्मियों पर गिरी थी गाज, एएसपी बोले- जल्द पेश होगा चालान
इस मामले में पुलिस महकमे के भीतर अफीम की हेराफेरी का जिन्न बाहर आते ही हड़कंप मच गया था। स्वयं हरियाणा के डीजीपी के संज्ञान लेने के बाद हिसार रेंज के आईजी ने एसआईटी का गठन किया था। मामले में एएसआई रणबीर सिंह को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर जेल भेजा गया, डिंग थाना प्रभारी (SHO) को सस्पेंड किया गया और डीएसपी राज सिंह का तबादला नूंह कर दिया गया। हालांकि, एसआईटी की अंतिम जांच में डीएसपी या अन्य पुलिसकर्मियों का इस गबन से कोई सीधा लिंक साबित नहीं हुआ है। मामले की कमान संभाल रहे एसआईटी सदस्य और एएसपी मयंक मुदगिल ने पुष्टि की है कि आरोपी रणबीर पर दो अलग-अलग एफआईआर (एक दोस्त को अफीम देने और दूसरा गबन करने) दर्ज हैं और केस की जांच मुकम्मल कर जल्द ही अदालत में चालान पेश कर दिया जाएगा।
