Yamunanagar News: दो साल से उखड़ी पड़ी है हमीदा हेड-पंजूपुर सड़क, भाकियू ने दी विधायक आवास घेरने की चेतावनी
विधायक घनश्याम दास के क्षेत्र में जनता बेहाल, किसान यूनियन मोड में आई
Yamunanagar News (संजीव चौहान) विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच यमुनानगर का एक बड़ा ग्रामीण हिस्सा पिछले दो वर्षों से प्रशासनिक उपेक्षा और विभागीय कछुआ चाल का दंश झेल रहा है। हमीदा हेड से लेकर पांजू पूर पुल तक नहर के दोनों किनारों पर बनी सड़क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। तकरीबन दो साल पहले नहर के किसी कथित निर्माण कार्य का हवाला देकर इस भली-भली पक्की सड़क को जेसीबी से उखाड़ फेंक दिया गया था। अफ़सोस की बात यह है कि दो साल बीत जाने के बाद भी न तो नहर का काम इंच भर आगे बढ़ा और न ही उजड़े रास्ते को दोबारा संवारने की जहमत उठाई गई।
सबसे छोटे रास्ते पर लगा ताला; विधायक के पैतृक क्षेत्र का भी यही हाल
यह रास्ता कोई मामूली संपर्क मार्ग नहीं है, बल्कि यमुनानगर से दर्जनों गांवों को समेटते हुए सीधे रादौर निकलने का सबसे सुगम और छोटा जरिया है। विडंबना देखिए कि स्थानीय भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के खुद के गांव का रास्ता भी इसी नहर के समीप से होकर गुजरता है, लेकिन सत्ता के शीर्ष पर बैठे जनप्रतिनिधियों की नाक के नीचे चल रही इस लापरवाही पर किसी की नजर नहीं जा रही। सड़क पूरी तरह टूटने और मलबे में तब्दील होने के कारण अब साइकिलों पर शहर जाने वाले गरीब मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों और सुबह-सुबह स्कूल बस के इंतजार में खड़े होने वाले बच्चों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
एक्सएन साहब ने नहीं उठाया फोन, किसानों का फूटा गुस्सा
ग्रामीणों की इस तकलीफ को लेकर जब मीडिया और स्थानीय लोगों ने नहर विभाग के कार्यकारी अभियंता (XEN) से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया, तो साहब ने फोन उठाना भी गवारा नहीं किया। अधिकारियों का यही गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ रहा है। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके ग्रामीणों ने अब अपनी लड़ाई का जिम्मा भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) को सौंप दिया है।
“आर-पार की होगी जंग”— भाकियू नेताओं की दो टूक
सड़क की इस दुर्दशा पर कड़ा रोष जताते हुए भाकियू के जिला अध्यक्ष संजू गुन्दियाना और जिला महासचिव गुरवीर सिंह ने कहा कि सरकार और प्रशासन मिलकर जनता के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। जिला प्रभारी एप्पल गुन्दियाना और वरिष्ठ किसान नेता साहब सिंह ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “अगर इस सड़क का निर्माण कार्य तुरंत प्रभाव से शुरू नहीं किया गया, तो किसान चुप नहीं बैठेंगे।
हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है और इस बार प्रदर्शन किसी दफ्तर में नहीं, बल्कि सीधे स्थानीय विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के निवास स्थान पर होगा।” इस आक्रोश बैठक में राजेश खंडवा, हाकम सिंह, नवाब सिंह और सतीश कुमार सहित भारी संख्या में प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी आवाज बुलंद की और जल्द ही एक बड़ी महापंचायत बुलाने का एलान किया है।
