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Palwal Firing News: पलवल फायरिंग: खेत की भराई के पैसों को लेकर खूनी संघर्ष, 3 को लगी गोली

AAmandeep Singh
पलवल फायरिंग: खेत की भराई के पैसों को लेकर खूनी संघर्ष, 3 को लगी गोली
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पलवल। हरियाणा के पलवल जिले के आलीमेव गांव में रंजिश की आग इस कदर भड़की कि पत्थरबाजी से शुरू हुआ विवाद गोलियों की तड़तड़ाहट पर जाकर थमा। खेत की भराई के चंद रुपयों के लेन-देन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। इस हिंसक झड़प में एक ही परिवार के तीन लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज फिलहाल जिला नागरिक अस्पताल में चल रहा है। वारदात के बाद से ही पूरे गांव में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।

चंद रुपयों का हिसाब और खून की रंजिश

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आलीमेव गांव में हिंसा की यह पटकथा 8 मई की शाम को लिखनी शुरू हुई थी। जानकारी के मुताबिक, खेत की भराई के बकाया पैसे मांगने को लेकर दो पक्षों में जुबानी जंग शुरू हुई। देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों तरफ से पत्थर चलने लगे। उस वक्त गांव के बड़े-बुजुर्गों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था और पीड़ित पक्ष ने इसकी सूचना पुलिस को भी दी थी। लेकिन यह शांति सिर्फ ‘तूफान से पहले की खामोशी’ साबित हुई।

सुबह होते ही गूंजी गोलियां: नंबरदार के बाजू में धंसी गोली

9 मई की सुबह जब गांव के लोग अपने दैनिक कार्यों में जुटे थे, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर दोबारा हमला बोल दिया। इस बार हमलावरों के हाथों में पत्थर नहीं बल्कि अवैध हथियार थे। चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपियों ने सीधे फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी की चपेट में नासिर का बेटा हामिद, बेटी नफीसा और उनके चाचा इस्लाम नंबरदार आ गए। दर्दनाक बात यह है कि हमलावरों ने बुजुर्ग नंबरदार को भी नहीं बख्शा, जिनकी बाजू में अभी भी गोली फंसी हुई है।

अस्पताल में भर्ती, जांच जारी

घायलों को आनन-फानन में हथीन पीएचसी ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पलवल के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल के डॉक्टर अमित कुमार ने बताया कि तीनों मरीजों का प्राथमिक उपचार कर लिया गया है और उनकी एमएलसी (MLC) रिपोर्ट तैयार की जा रही है। फिलहाल तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन गहरी चोटों और गोली के घाव के कारण उन्हें विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है।

पुलिस का पक्ष: लिखित शिकायत का इंतजार

इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित नासिर का आरोप है कि 8 मई को हुई पत्थरबाजी के बाद ही उन्होंने पुलिस को इत्तला दी थी, अगर वक्त रहते कार्रवाई होती तो शायद अगले दिन गोलियां नहीं चलतीं। वहीं, बहीन थाना प्रभारी का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में जरूर है, लेकिन अभी तक पीड़ितों की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस के मुताबिक, जैसे ही बयान दर्ज होंगे, आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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