पलवल। पलवल के बसंत विहार कॉलोनी के रहने वाले 33 वर्षीय सिकंदर डागर के साथ 19 मई की सुबह जो कुछ हुआ, उसने शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। सिकंदर, जो बस अड्डे के पास ‘डागर ट्रेलर्स’ नाम से दुकान चलाते हैं, मंगलवार सुबह करीब पौने आठ बजे अपनी गाड़ी से दुकान की तरफ जा रहे थे। जैसे ही वह रेलवे फाटक के पास पहुंचे, एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार ने फिल्मी अंदाज में उनकी गाड़ी के आगे आकर ब्रेक मार दिए।
कार रुकते ही उसमें से तीन-चार नकाबपोश युवक हाथों में डंडे, हथौड़े और देसी कट्टा लहराते हुए बाहर निकले। इसी बीच एक नीले रंग की यामाहा स्कूटी पर दो अन्य युवक भी वहां आ धमके। हमलावरों ने सिकंदर को जबरन गाड़ी से बाहर घसीटा और उन पर टूट पड़े। क्रूरता की हद पार करते हुए एक आरोपी ने सिकंदर के सिर पर हथौड़े से वार करने की कोशिश की, लेकिन सिकंदर ने सूझबूझ दिखाते हुए अपना हाथ आगे अड़ा दिया, जिससे उनकी जान तो बच गई लेकिन हाथ में गंभीर चोट आई। जाते-जाते बदमाश धमकी दे गए कि अगर दोबारा सोशल मीडिया पर कोई वीडियो डाला, तो पूरे परिवार को भून देंगे।
वीडियो वायरल होने पर पुलिस महकमे में खलबली, एसपी ने बनाईं टीमें
दिनदहाड़े हुए इस दुस्साहसिक हमले का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, पलवल पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। पीड़ित की शिकायत पर कैंप थाना पलवल में विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जिला पुलिस कप्तान (SP) ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत तीन टीमों का गठन किया। इसमें सीआईए इंचार्ज रविंद्र कुमार की टीम ने सबसे सटीक इनपुट जुटाए और त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में संलिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रेस वार्ता में डीएसपी ने किया बड़ा खुलासा, राजनीतिक कनेक्शन को नकारा
डीएसपी (क्राइम) अनिल कुमार ने इस कामयाबी को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने इस मामले में चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर पूरी तरह से विराम लगा दिया। डीएसपी ने कहा, “इस मामले को लेकर कुछ हलकों में खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम का नाम घसीटा जा रहा था, जिसका जांच में कोई आधार या औचित्य नहीं पाया गया है। यह पूरी तरह से दो पक्षों के बीच का आपसी विवाद है।”
पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार, सिकंदर और आरोपियों के बीच काफी समय से सोशल मीडिया पर एक-दूसरे की पोस्ट पर कमेंट करने और वीडियो अपलोड करने को लेकर तनातनी चल रही थी। यह डिजिटल जंग धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने सिकंदर को सबक सिखाने के लिए इस हिंसक वारदात की साजिश रच डाली।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से शुरुआती पूछताछ की जा रही है। जल्द ही इन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार, स्कूटी, हथौड़े और अवैध हथियार बरामद किए जा सकें, साथ ही फरार चल रहे बाकी आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया जा सके।

