पलवल। पलवल जिला पुलिस को बीती रात अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, लेकिन यह कामयाबी सीधे मौत के मुंह से निकलकर आई है। डीएसपी हेडक्वार्टर साहिल ढिल्लो ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सीआईए हथीन (एवीटी) स्टाफ के इंचार्ज पीएसआई दीपक गुलिया को एक बेहद सटीक गुप्त सूचना मिली थी। इनपुट था कि उत्तर प्रदेश के इटावा से एक बलेनो कार में भारी हथियारों से लैस कुछ शूटर पलवल या केएमपी के रास्ते किसी बड़ी डकैती या मर्डर की वारदात को अंजाम देने आ रहे हैं।
इस सूचना पर पुलिस ने तत्काल एसआई मो. यासीर और एएसआई वीरेंद्र समेत जवानों की एक विशेष टीम तैयार की। पुलिस ने केएमपी चढ़ाई के पास जाल बिछाया, लेकिन बदमाशों ने घेराबंदी भांपते ही कार की रफ्तार बढ़ा दी और होडल की तरफ भागने लगे। मुंडकटी चौक पर जब सिपाही देवेंद्र ने आगे बढ़कर बदमाशों की गाड़ी का दरवाजा खोलने की कोशिश की, तो कार के अंदर से सीधे गोली चला दी गई, जो सिपाही देवेंद्र के बाएं पैर में जा धंसी।
टायर फटा तो गाड़ी से उतरकर बरसाईं गोलियां, सरकारी गाड़ी के उड़े शीशे
नाकाबंदी तोड़कर बदमाश मर्रोली रोड की तरफ भागे, लेकिन पुलिस टीम ने घायल साथी की परवाह किए बिना उनका पीछा नहीं छोड़ा। कुछ ही दूरी पर अनियंत्रित बलेनो कार का टायर फट गया और गाड़ी सड़क किनारे रुक गई। इसके बाद बदमाशों ने खुद को घिरता देख कार से उतरकर पुलिस पर चौतरफा फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की गोलियां पुलिस की सरकारी गाड़ी के बोनट और साइड शीशों को चीरती हुई निकल गईं।
इसके बाद पुलिस टीम ने भी अपनी आत्मरक्षार्थ (Self-Defense) और अपराधियों को बेअसर करने के लिए मोर्चे से जवाबी फायरिंग की। पुलिस की एक गोली मुख्य बदमाश के पैर में लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने बाकी तीन बदमाशों को भी जमीन पर लेटाकर दबोच लिया। हालांकि, इस अफरा-तफरी और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर उनका एक साथी विपुल द्विवेदी गेंहू के खेतों की तरफ भाग निकला।
इटावा के नामी गैंगस्टर चढ़े हत्थे, बरामद हुआ हथियारों का जखीरा
पकड़े गए बदमाशों की पहचान यूपी के इटावा निवासी अकरम, कृष्ण, आलोक परिहार और घायल माधव गुप्ता के रूप में हुई है। घायल बदमाश माधव गुप्ता को तुरंत पुलिस सुरक्षा में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से एक राइफलनुमा पोना, एक देसी कट्टा, एक पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल 12 खाली खोखे बरामद हुए हैं।
जब पुलिस ने इनका क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाला तो अधिकारी भी हैरान रह गए। होमगंज (इटावा) के रहने वाले माधव गुप्ता के खिलाफ यूपी और हरियाणा के अलग-अलग थानों में कत्ल, लूट, किडनैपिंग और गैंगस्टर एक्ट के तहत 25 संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं, उसके दूसरे साथी आलोक उर्फ राहुल ठाकुर पर भी रंगदारी और धोखाधड़ी के 4 मुकदमे दर्ज हैं।
मुंडकटी थाने में केस दर्ज, फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी
डीएसपी साहिल ढिल्लो ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह साफ हो गया है कि यह गिरोह क्षेत्र में किसी बड़े उद्योगपति या व्यापारी को निशाना बनाने आया था। फिलहाल मुंडकटी थाना पुलिस ने सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी विपुल द्विवेदी की तलाश में सीआईए की दो टीमें यूपी और नूंह के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

