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पपेरलीक मामला: पूर्व RPSC चेयरमैन डॉ. शिव सिंह राठौड़ तलब, बड़े अधिकारियों तक पहुंची एसओजी की जांच

VVinita Kohli
पपेरलीक मामला: पूर्व RPSC चेयरमैन डॉ. शिव सिंह राठौड़ तलब, बड़े अधिकारियों तक पहुंची एसओजी की जांच
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राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक मामलों की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ को पूछताछ के लिए तलब किया है। जानकारी के अनुसार यह पूछताछ स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 के कथित पेपर लीक मामले में की जा रही है। जयपुर स्थित एसओजी मुख्यालय में अधिकारियों की टीम डॉ. राठौड़ से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी इस मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां कर चुकी है और अब आयोग के शीर्ष स्तर तक जांच की कड़ियां पहुंचती दिखाई दे रही हैं।

60 लाख में पेपर बेचने का आरोप

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एसओजी की जांच में सामने आया था कि स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 का पेपर कथित तौर पर 60 लाख रुपए में बेचा गया था। इस मामले में गिरफ्तार किए गए कथित मास्टरमाइंड शेर सिंह मीणा से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए थे। जांच एजेंसी के अनुसार शेर सिंह मीणा ने दावा किया था कि उसे यह पेपर तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा के जरिए मिला था। इसी आधार पर एसओजी ने आगे की जांच तेज की और अब मामले में पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ से पूछताछ की जा रही है।

एसओजी सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान शेर सिंह मीणा ने लेक्चरर भर्ती पेपर लीक मामले में डॉ. शिव सिंह राठौड़ का नाम भी लिया था। हालांकि जांच एजेंसी अभी इन आरोपों की पुष्टि करने में जुटी हुई है। सूत्रों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर एसओजी शेर सिंह मीणा और डॉ. राठौड़ को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी कर सकती है। एजेंसी अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि कथित पेपर लीक नेटवर्क किस स्तर तक सक्रिय था और उसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा पहले ही गिरफ्तार

इस मामले में आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान सामने आए दस्तावेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर एसओजी लगातार नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। इन गिरफ्तारियों के बाद से ही आयोग के बड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे। अब पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष से पूछताछ को जांच का अहम चरण माना जा रहा है। हालांकि एजेंसी ने अभी तक किसी नई गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।

डॉ. शिव सिंह राठौड़ को दिसंबर 2021 में आरपीएससी का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। उन्हें आयोग के सबसे युवा चेयरमैनों में गिना जाता है। जिन भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए हैं, उनमें से कई परीक्षाएं इसी अवधि में आयोजित हुई थीं। राजस्थान में लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आने के बाद अभ्यर्थियों ने बड़े स्तर पर आंदोलन भी किए थे।

अभ्यर्थियों के आंदोलन का दिख रहा असर

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और अभ्यर्थियों ने लगातार मांग की थी कि जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि आयोग के जिम्मेदार अधिकारियों तक भी पहुंचनी चाहिए। अब एसओजी द्वारा पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष से पूछताछ को अभ्यर्थी इसी दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पेपर लीक मामलों ने हजारों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। इसलिए पूरे नेटवर्क का खुलासा होना जरूरी है ताकि भविष्य में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल की जा सके।

एसओजी सूत्रों के अनुसार फिलहाल डॉ. शिव सिंह राठौड़ से पूछताछ की जा रही है और एजेंसी ने आगे की कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। जांच एजेंसी मामले में जुटाए गए सबूतों और बयानों का मिलान कर रही है। यदि पूछताछ के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। राजस्थान में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के बीच यह जांच राज्य की भर्ती प्रणाली के लिए अहम मानी जा रही है।

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