Patti Heavy Rain Crop Damage : पट्टी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हुई बेमौसम भारी बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। धान की कटाई के मुहाने पर खड़े किसानों के खेतों में पानी भर गया है, जिससे पकी हुई फसल के खराब होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस कुदरती मार से अन्नदाताओं की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि पूरे साल की मेहनत और लागत अब संकट में नजर आ रही है।
कटाई के वक्त बारिश ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें
किसानों के लिए धान की फसल उनकी सालभर की मेहनत का आधार होती है। इन दिनों पट्टी और तरनतारन के ग्रामीण इलाकों में धान की कटाई का दौर जोरों पर था, लेकिन अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने सब कुछ बिगाड़ दिया है। खेतों में पानी जमा होने और तेज हवाओं के कारण धान की खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई है।
किसानों का कहना है कि जब फसल पूरी तरह पककर तैयार हो चुकी थी, तब यह बारिश उनके लिए किसी आफत से कम नहीं है। इससे न केवल दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि मंडियों में नमी की मात्रा बढ़ने से खरीद में भी अड़चन आएगी।
कृषि अधिकारी बोले, एक हफ्ते तक नहीं हो सकेगी कटाई
इस संबंध में जब खेतीबाड़ी ब्लॉक अफसर डॉ. भूपिंदर सिंह से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि इस समय हुई बेमौसम बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेतों में जलभराव और नमी के कारण अब अगले एक हफ्ते तक धान की कटाई का काम शुरू नहीं किया जा सकता है। जब तक खेतों से पानी नहीं सूखता और धूप नहीं निकलती, तब तक कटाई करना संभव नहीं है।
मुआवजे की मांग और प्रशासन से गुहार
पट्टी इलाके के किसान सतनाम सिंह, अवतार सिंह और बलजिंदर सिंह ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि बारिश के कारण उनकी पकी-पकाई फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से विशेष गिरदावरी करवाकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही मंडियों में भी किसानों की फसल के उठान और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि उन्हें दोहरी मार न झेलनी पड़े।
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